नए सत्र में निजी संस्थान फीस और सर्टिफिकेट लौटाने में आनाकानी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई कॉलेज फीस वापस नहीं करेगा, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की लगातार शिकायत के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी डीम्ड यूनिवर्सिटी व कॉलेजों को पत्र भेजकर हिदायत दी है। यूजीसी ने साफ कर दिया है कि यदि कोई छात्र कॉलेज या संस्थान बदलता है तो संबंधित संस्थान को उसकी फीस हर हाल में लौटानी होगी।
दरअसल, सत्र की शुरुआत में पसंदीदा कोर्स या कॉलेज पाने से चूकने के डर से छात्र-छात्रएं एक साथ कई संस्थानों में आवेदन कर देते हैं। लेकिन जब प्रथम या द्वितीय कटऑफ लिस्ट में भी उनका नाम नहीं आता है तो वे हड़बड़ी में किसी निजी संस्थान में दाखिला ले लेते हैं।
जब किसी अच्छे कॉलेज में दाखिला मिल जाता है तो निजी संस्थान फीस या सर्टिफिकेट लौटाने में आनाकानी करने लगते हैं। बता दें कि गुडग़ांव में आठ डीम्ड यूनिवर्सिटी है।
यूजीसी ने सभी कॉलेजों को पत्र जारी कर वैसे शैक्षणिक संस्थानों को चेतावनी दी है जो एडमिशन नहीं लेने वाले छात्र को फीस वापस नहीं करते हैं। आयोग ने वर्ष 2007 में जारी की गई गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा है कि उसी समय यह नियम बनाया गया था कि अगर किसी कारणवश कोई छात्र पैसे और सर्टिफिकेट जमा करने के बावजूद दाखिला नहीं ले पाया, तब भी बिना किसी कटौती के उसे पूरे पैसे वापस करने होंगे।
अभिभावकों और छात्रों की तरफ से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि उन्हें पैसे रिफंड नहीं किए जा रहे हैं। जबकि नियम यह है कि बिना किसी कटौती के सभी पैसे और सर्टिफिकेट वापस करना होता है। ऐसा नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी।