कॉलेजों के नए सत्र में विद्यार्थियों को बंक मारकर मौज मस्ती करना महंगा पड़ेगा। विद्यार्थी पढ़ाई और कक्षा की हाजिरी को लेकर सचेत रहना होगा। बंक मारने की सूरत में छात्रों को हर पीरियड के हिसाब से जुर्माना देना होगा।
अगर कोई छात्र जुर्माना देकर बंक मारने की सोचता है तो ऐसा भी नहीं है। लगातार छह दिन या महीने में 14 दिन गैर-हाजिर होन पर कॉलेज से नाम काट दिया जाएगा।
दरअसल, कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) लगातार कोशिश कर रहा है। छात्रों में कॉलेज पहुंचकर कक्षा में अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति देखी जाती है।
इसे रोकनेके लिए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। एक या एक से अधिक पीरियड में अनुपस्थित रहने पर पांच रुपये प्रति पीरियड जुर्माना देना होगा। यह हर महीने वसूला जाएगा।
बिना अनुमति के या विशेष कारण बताए हुए लगातार छह दिन या महीने में 14 दिन गैर-हाजिर रहने पर नाम काट दिया जाएगा। नाम काटने से पहले छात्र को नोटिस भेजा जाएगा।
नोटिस के दिन से पंद्रह दिन के अंदर 1000 रुपये फीस और अभिभावक के आश्वासन के साथ छात्र को कॉलेज की ओर से एक विशेष मौका मिलेगा। दोबारा बिना अनुमति या कारण के अनुपस्थित होने पर स्थायी रूप से नाम काट दिया जाएगा।
क्लास में छात्रों की उपस्थिति बढ़े और क्लास से छात्रों का नाम काटने की नौबत न आए। इसके लिए कॉलेज प्रशासन भी छात्रों को इस आदेश के प्रति जागरुक करेगा।
क्लास की शुरुआत में छात्रों को बताने के साथ नोटिस बोर्ड सहित कई दूसरी जगहों में चस्पाया जाएगा। कॉलेज प्रशासन को भी उम्मीद है कि इससे क्लास में छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी।
इन परिस्थियों में नहीं कटेगा नाम
-बीमार होने की स्थिति में मेडिकल सर्टिफिकेट देने पर
-किसी दुर्घटना में शिकार होने पर मेडिकल सर्टिफिकेट व अप्लीकेशन देने पर
-किसी परिस्थिति में शहर से बाहर जाने पर विभागाध्यक्ष को सूचित करने पर
-प्रिंसिपल से विशेष अनुमति लेकर छुट्टी में जाने पर
-अभिभावक द्वारा उपयुक्त कारण बताकर हाजिर होकर सूचना देने पर
-नाम कटने के बाद एक सप्ताह के अंदर उपयुक्त कारण बताकर और प्रमाण पत्र देने पर री-एडमिशन फीस नहीं देनी होगी