जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रसंघ भंग होने के साथ रविवार को चुनाव का बिगुल बज गया है। हालांकि सोमवार को चुनाव की घोषणा की जाएगी।
वहीं, जेएनयू के इतिहास में पहली बार छात्रसंघ चुनाव 2016-17 की तैयारियों समेत चुनाव के लिए स्कूल ऑफ सोशल साइंस की पीएचडी छात्रा इशिता मन्ना चीफ इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त की गयी हैं।
जेएनयू कैंपस में रविवार को छात्रसंघ भंग होने के साथ छात्रसंघ चुनाव की गतिविधियां तेज हो गयी है। छात्रसंघ पदाधिकारयों ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर से मुलाकात करते हुए चुनाव आयोजित करने की जिम्मेदारी चुनाव कमेटी को सौंप दी।
विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार एक छात्रा छात्रसंघ चुनाव आयोजित करवाएगी। पश्चिम बंगाल निवासी इशिता मन्ना स्कूल ऑफ सोशल साइंस में पीएचडी सीएसआडी के प्रथम वर्ष की छात्रा है।
इससे पहले इशिता को चार साल तक चुनाव कमेटी में सदस्य के रूप में चुनाव आयोजित करवाने का भी अनुभव है। इशिता की पहली प्राथमिकता है कि लिंगदोह सिफारिशों के तहत दस दिनों के अंदर चुनाव शांतिप्रिय ढंग से आयोजित करवाए जाएं।
सोमवार को चुनाव कमेटी छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना सोमवार को जारी करेंगे, जिसमें स्कूल जनरल बॉडी मीटिंग से लेकर नामांकन पत्र दाखिल करने, नामांकन पत्र वापस लेने से लेकर मतदान की तिथि की घोषणा की जाएगी।
बता दें कि पूर्व छात्रसंघ चुनाव में में एआईएसएफ के कन्हैया कुमार ने अध्यक्ष,आइसा की शेहला ने उपाध्यक्ष, आइसा के ही रामा नागा ने महासचिव तो एबीवीपी के सौरभ शर्मा ने संयुक्त सचिव का पद पर जीत हासिल की थी।