दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध 79 कॉलेजों में से लगभग दो दर्जन कॉलेजों में लाइब्रेरियन नहीं है। कॉलेजों में ये पद लंबे समय से खाली हैं। इतना ही नहीं पुस्तकालयों में काम करने वाले पीए. एसपीए व सहायकों के पदों पर भी सालों से नियुक्तियां नहीं हुई हैं। पुस्तकालयों में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनके स्थान पर तदर्थ (एडहॉक) व अस्थायी कर्मचारियों को रखा जा रहा है।
विद्वत परिषद के सदस्य प्रो हंसराज सुमन ने बताया कि दिल्ली सरकार से संबद्ध 8 कॉलेजों में तो लंबे समय से लाइब्रेेरियन के पदों को भरा ही नहीं गया है। इन कॉलेजों में श्री अरबिंदो कॉलेज (प्रात: व सांध्य) भीमराव अंबेडकर कॉलेज, आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज, समेत अन्य कॉलेज शामिल हैं।
वहीं डीयू के नामी कॉलेजों में भी इन पदों को नहीं भरा गया है। इन कॉलेजों में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हंसराज कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, जीसस एंड मेरी कॉलेज, लेडी इर्विन कॉलेज, जैसे कॉलेजों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में आरक्षण की नीति का उल्लंघन हो रहा है। जिसके कारण एससी-एसटी, ओबीसी व विकलांग लाइब्रेरियन नहीं है।