फीस बढ़ोतरी में निजी स्कूलों की मनमानी को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने स्कूलों के खातों की जांच शुरू कर दी है। ये ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने शिक्षा विभाग को ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव दिया था।
स्कूलों के खातों की जांच का काम अंसर्ट एंड यंग फाउंडेशन के अंतर्गत सूचीबद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म पूरा करेगी। यह फर्म दिल्ली सरकार को अपनी रिपोर्ट अगस्त के दूसरे सप्ताह में सौंपेगी। शिक्षा विभाग को अब तक फीस बढ़ोतरी के लिए 97 प्रस्ताव मिल चुके हैं।
मंगलवार से शुरू हुए खातों की जांच प्रक्रिया के तहत स्कूलों के वित्त वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 के वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा, फंड के गलत या किसी अन्य चीज में इस्तेमाल के मामलों की पहचान के साथ-साथ स्कूलों में फील्ड विजिट भी की जाएगी।
दिल्ली सचिवालय में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा का व्यवसायीकरण न हो व किसी भी तरह से अभिभावकों और छात्रों का शोषण न हो।
खातों की जांच के लिए शुरू प्रक्रिया को उन्होंने ऑडिट नहीं बल्कि जांच का नाम दिया। वहीं उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने साफ किया कि सरकार की मंशा निजी स्कूलों को कंट्रोल करने की नहीं है बल्कि सरकार चाहती है कि स्कूल शिक्षा विभागों के निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने एक बार फिर कहा कि सस्ती दरों पर आवंटित जमीनों पर बने स्कूल शिक्षा निदेशक की अनुमति के बिना ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकते हैं।