दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय के 28 कॉलेजों की प्रबंध समिति का कार्यकाल खत्म हुए एक महीना हो चुका है।, लेकिन अब तक न तो दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे विस्तार किया है और न ही नए नामों की सूची कॉलेजों को भेजी गई है।
इससे कॉलेजों के सामने प्रशासनिक व तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर संकट खड़ा हो गया है। प्रबंध समिति का गठन न होने से नए सेमेस्टर में नए पदों को भरने में दिक्कतें आ सकती हैं।
विद्वत परिषद के सदस्य प्रो. हंसराज सुमन ने बताया कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों की प्रबंध समिति का कार्यकाल 20 अक्तूबर को खत्म हो गया है। नई प्रबंध समिति के गठन को लेकर न तो डीयू प्रशासन और न ही दिल्ली सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है। ऐसा नहीं होने से कॉलेज प्रबंधन से जुड़े कई अहम कार्य रुके हुए हैं, जोकि बगैर प्रबंध समिति के मंजूरी के नहीं हो सकते।