विप्रो कंपनी में कार्यरत एक कॉलसेंटर कर्मी ने खुद को बदसूरत मानकर शनिवार रात फंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मौके से बांग्ला और अंग्रेजी भाषा में लिखे दो सुसाइड नोट मिले हैं।
बांग्ला में लिखे सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण सुंदर न होने, सिर पर कम बाल होने और कद छोटा होना बताया है, जबकि अंग्रेजी के सुसाइड नोट में परिजनों के नंबर हैं और आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने शुरुआती जांच में युवक को हीनभावना से ग्रसित बताया है।
एसएचओ ने बताया कि, वसुंधरा सेक्टर-10 के ए-47 में जसविंदर कौर परिवार के साथ रहती हैं। मूलरूप से पश्चिम बंगाल का जलपाईगुड़ी निवासी जीवन सरकार (25) उनके मकान के फर्स्ट फ्लोर पर किराए पर रहता था।
वह नोएडा में विप्रो के कॉलसेंटर में काम करता था। रविवार तड़के 4 बजे जीवन के भाई जयंत ने जसविंदर को कॉल कर जीवन के फोन न उठाने की बात कही। जसविंदर उसके कमरे में पहुंची तो नॉयलान की रस्सी के सहारे उसका शव पंखे से लटका मिला। जसविंदर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस को दीवार पर एक नोट चिपका मिला, जिस पर जीवन के भाई और मां के मोबाइल नंबर लिखे थे। पास ही बांग्ला भाषा में लिखा दो पेज का एक और सुसाइड नोट मिला। पुलिस ने पड़ोसी एक युवक को बुलाकर बांग्ला में लिखे सुसाइड नोट को पढ़वाया। है। पुलिस ने परिजनों को जानकारी दे दी है।
ये लिखा है सुसाइड नोट में
बांग्ला में लिखे सुसाइड नोट के अनुसार, जीवन ने छह माह पहले ही सुसाइड करने का निर्णय ले लिया था। वह छोटे कद के चलते दोस्तों के बीच जाने में भी हिचकिचाता था।
सुसाइड नोट के हिंदी अनुवाद के अनुसार ‘मैं अपनी पर्सनैलिटी को ले कर काफी परेशान रहता हूं और दोस्तों और सोसाइटी में खुद को अनफिट महसूस करता हूं। मेरे सिर पर बाल नहीं है, मेरी लंबाई भी कम है और चेहरा भी अच्छा नहीं लगता है जिससे मैं हीनभावना से ग्रसित हूं।
मैंने छह माह पहले 2 फरवरी को सुसाइड का निर्णय ले लिया था।’ सुसाइड नोट में जीवन ने अपनी मां से माफी मांगी है। लिखा है कि वह मां से बहुत प्यार करता है और उसके इस कदम के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
पुलिस के अनुसार रविवार को ही उनके जलपाईगुड़ी स्थित आवास पर भाई के रिश्ते के लिए लोग आने वाले थे। भाई के इस कदम से मां और भाई बेहद सदमे में हैं।
जीवन ने फंदा लगाने से पहले भाई को एसएमएस भेजा था, जिसमें उसने आत्महत्या करने जाने की जानकारी दी थी। उसके बाद से भाई लगातार फोन कर रहा था लेकिन फोन उठा ही नहीं। जिसके बाद भाई ने जीवन के मकान मालिक को फोन किया।