बिजली वितरण कंपनियों के खातों की आडिट सीएजी से कराने के राज्य सरकार के आदेश के बाद नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने सरकार से एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।
राज्य सरकार ने एक जनवरी को तीनों बिजली कंपनियों के खातों की जांच सीएजी से कराने के आदेश दिए थे।
जानकारी के मुताबिक नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ओर से शुक्रवार को दिल्ली सरकार को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है।
नोडल अधिकारी को सरकार, डिस्कॉम्स और सीएजी के बीच कड़ी का काम करना होगा। सीएजी का स्पष्ट कहना है कि निजी कंपनी होने की वजह से सीएजी डिस्कॉम्स से किसी भी तरह का संवाद नहीं करेगा।
लिहाजा खातों की जांच के लिए सभी तरह की जानकारी सरकार को ही उपलब्ध करानी होगी। सीएजी के मीडिया एडवाइजर बीएस चौहान का कहना है कि नोडल अधिकारी नियुक्त होने के बाद भी खातों की जांच तभी शुरू होगी जब दिल्ली सरकार बिजली कंपनियों के खातों की विस्तृत जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराएगी।
हालांकि अभी तक दिल्ली सरकार की ओर से बिजली वितरण कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड तथा टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) से सीएजी ऑडिट पर किसी तरह का संपर्क नहीं किया गया है।
डिस्कॉम्स का कहना है कि इस मामले में सरकार की ओर से किसी प्रकार की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। आधिकारिक सूचना अथवा पत्र मिलने के बाद ही मामले में किसी तरह का बयान अथवा आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।