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बिजली की बचत कर प्रेम प्रकाश ने कायम की मिसाल

Sat, 13 Feb 2016 05:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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ऊर्जा ऑडिटर प्रेम प्रकाश मित्तल रेलवे, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), विश्व बैंक जैसी बड़ी संस्थाओं से लेकर स्कूलों तक को अपनी सेवाएं देकर देश में करीब 20 लाख किलोवाट प्रति घंटा ऊर्जा की बचत करा रहे हैं।
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दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से 2007 कार्यकारी अभियंता पद से रिटायर हुए पीपी मित्तल ने विभाग में रहते हुए ऊर्जा की बर्बादी और उसके बचाव पर काफी काम किया था। रिटायरमेंट के बाद इसका लाभ देश को देने के लिए उन्होंने फरवरी 2009 में एनर्जी इंजीनियर्स के नाम से कंसलटेंसी संस्था कायम की।

रेलवे, देश के कई पांच सितारा होटल और डीपीएस (स्कूल ग्रुप) की ओर से ऊर्जा खपत का आकलन और संरक्षण का प्रोजेक्ट तैयार करने का काम मिला तो दो साल में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई। 2009 में उन्होंने ए-जेड एनर्जी इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया। इसके बाद से उनकी कंपनी ने मुड़ कर नहीं देखा।
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विश्व बैंक की ओर से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी दो कंपनियों का अध्ययन और प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा उन्हें सौंपा गया। पांच साल के छोटे से समय में उनकी कंपनी ने रेलवे (रेल कोच फैक्ट्री, पावर सबस्टेशन, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, कमर्शियल बिल्डिंग) के अलावा ताप विद्युत ऊर्जा गृह (गुजरात), कागज उद्योग, खाद उत्पादक कंपनियां, तापभट्टी, सीमेंट उद्योग, कपड़ा उद्योग, चीनी मिल, पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, हरेडा, बैंक, अस्पताल, स्कूल, होटल आदि संस्थाओं के लिए ऊर्जा संरक्षण की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने भी उनकी सेवाएं ली हैं।

उपलब्धियां
प्रेम प्रकाश मित्तल 2009 से अब तक 736 ऊर्जा संरक्षण प्रोजेक्ट तैयार कर चुके हैं। दरअसल ऊर्जा विभिन्न स्रोत (पेट्रोल, डीजल, कोयला, केरोसीन, भूसा, कूड़ा) से मिलती है। एक अलग अलग ईंधन से अलग-अलग ऊर्जा की मात्रा मिलती है। इसे किलोवाट/घंटा में बदलने के लिए टन ऑफ ऑयल इक्वीवेलेंट (टीओई) मानक का इस्तेमाल किया जाता है। पीपी मित्तल की कंपनी ने अभी तक 736 प्रोजेक्ट के जरिये विभिन्न संस्थानों को 10863.66 टोओई यानी 1.26 करोड़ किलोवाट/प्रतिघंटा बचाने के उपाय बताए हैं। इनमें से अधिकतर संस्थाएं ऊर्जा संरक्षण के उपाय इस्तेमाल करते हुए करीब 20 लाख किलोवाट/घंटा बिजली की बचत कर रही हैं।

पांच हजार से शुरू किया सफर
पीपी मित्तल ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के चुनिंदा ऑडिटरों में से एक हैं। मात्र पांच हजार की छोटी पूंजी से घर में ही दफ्तर शुरू किया और आज उनका सेवा कारोबार करोड़ों रुपये में पहुंच चुका है। ऊर्जा संरक्षण की नई तकनीकी खोजने और समझने के लिए वह जापान, स्कैंडिनेवियाई देश सहित यूरोपीय देशों का दौरा कर चुके हैं।

65 की उम्र में भी जज्बा कायम
रिटायरमेंट के बाद लोगों की दिनचर्या अक्सर अखबार, टीवी देखने और नाती-पोतों को स्कूल लाने-ले जाने तक सिमटकर रह जाती है लेकिन 58 साल नौकरी करने के बाद भी प्रेम प्रकाश मित्तल का जज्बा कायम है। वह अब पहले से भी व्यस्त हो गए हैं। नौकरी में रहते हुए उन्होंने कभी विदेश का दौरा नहीं किया लेकिन अब उनका ऊर्जा संरक्षण का फॉर्मूला देश में ही नहीं विदेशों में भी हिट हो रहा है।
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अवार्ड
-हरियाणा एनर्जी ऑडिटर अवार्ड 2012
-नेशनल एमएसएमई (सेवाएं) उत्कृष्ट उद्यमिता अवार्ड 2013
-नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड 2013
-नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड 2015 (22 जनवरी 2016 को दिल्ली में मिलेगा)
-ऊर्जा संरक्षण क्षेत्र में बेहतरीन काम करने पर सीएम मनोहर लाल से प्रशस्ति पत्र मिला 2014 में
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