एडीजीसी विजय शर्मा ने बताया कि 24 मई 2019 को माहे आलम निवासी मोहल्ला फैसलाबाद ने नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि मोहल्ला निवासी आरोपी सलमान, बिलाल और इमरान उर्फ गूंगा पीड़ित व उसके परिजनों से रंजिश मानते हैं। आरोपी बदमाश प्रवृत्ति के हैं, इसी के चलते पीड़ित ने घर में रखी रोजा इफ्तार पार्टी से आरोपियों को भगा दिया था।
इसी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उसी दिन पीड़ित की सात वर्षीय पुत्री अलीबा, भतीजी नौ वर्षीय आसमा और भांजे आठ वर्षीय अब्दुल रहमान को आरोपी अपने साथ बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गए थे। बाद में उनके गोली लगे हुए शव गांव धतूरी स्थित एक ग्रामीण की ट्यूबवैल की हौदी में पड़े मिले थे। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा और एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया है।