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बुलंदशहर गैंगरेपः 12 दिन पहले भी हुई थी ऐसी ही वारदात, पुलिस चेत जाती तो नहीं होता ये हादसा

Tue, 02 Aug 2016 12:57 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, बुलंदशहर
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बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर, एनएच 91 पर बीती शुक्रवार मां-बेटी के साथ हुआ गैंगरेप उस जगह पर होने वाला पहला ऐसा मामला नहीं है। ठीक इसी जगह पर इस घटना से लगभग 10-12 दिन पहले एक और गैंगरेप हुआ था।
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दोस्तपुर गांव के पास जबसे यह हाईवे बना है तब से ही यह जगह लूट-मार व गैंगरेप के लिए कुख्यात है। गांववालों के अनुसार करीब 12 दिन पहले कुछ लोग एक महिला को एक टेंपो में लेकर आए थे और देर रात उसका रेप किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट वीहिन और पुलिस की गश्ती न होने के कारण यह इलाका अपराधियों के लिए स्वर्ग जैसा बन गया है। गांव के पूर्व प्रधान देवराज ठाकुर ने बताया कि, 'करीब 12 दिन पहले जब हमें यहां गैंगरेप का पता चला तो हम तुरंत वहां पहुंचे जिससे आरोपी फरार हो गए।'
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देवराज ने आगे बताया कि 'उस वक्त महिला बहुत व्याकुल और अस्तव्यस्त अवस्था में थी। हमने वहां से जाती एक पुलिस वैन को रोका और वहां पड़े मोबाइल फोन और कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे और बताया कि आरोपी फरार हो चुका है। पुलिस फोन अपने साथ रखा और वहां से चले गए। उन्होंने बाद में महिला से कहा कि वो पुलिस स्टेशन आ जाए। हमें नहीं पता कि बाद में उस महिला के साथ क्या हुआ। पीड़िता बुरी अवस्था में थी और उसे पुलिस की मदद की दरकार थी।'
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'18 महीने से हो रही हैं ऐसी वारदातें'

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
एक अन्य बुजुर्ग स्थानीय गो‌विंदपाल सिंह ने कहा कि यहां तो रेप हर महीने ही होते रहते हैं, लेकिन सबके पास इतनी हिम्मत नहीं होती कि वो पुलिस में जाकर कंप्लेंट करे।

यहां तक कि पुलिस भी केस दर्ज नहीं करती जबकि यह इलाका गुनहगारों के लिए एक सु‌रक्षित स्थान बन गया है जहां से वो आराम से यहां से गुजरने वाले मुसाफिरों को अपना निशाना बनाते हैं। अगर पुलिस रोजाना गश्त लगाते वक्त जागरूक रहती तो अपराधों को रोका जा सकता था।

दोस्तपुर गांव के रहने वाले कुलदीप शर्मा बताते हैं कि, यह सब तब शुरु हुआ जब 18 महीने पहले यहां हाईवे अस्तित्व में आया। रेप तो यहां कभी-कभी होते हैं लेकिन लूट और डकैती यहां के लिए आम बात है।
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गैंगरेप के इसी तरह के दो वाकये 7 और 12 मई को भी हुए थे

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
जबकि डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि यह सब अफवाह फैसाई जा रही है। हम यह मानते हैं कि कुछ कमियां हैं, लेकिन हम अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं ताकि आरोपी पकड़े जाएं।

इस मामले में अब तक हम कई पुलिसवालों को सस्पेंड कर चुके हैं और वो भी सिर्फ इसलिए ताकि अन्य पुलिसवालों, अपराधियों तक भी कड़ा संदेश जाए कि कोई बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गैंगरेप के इसी तरह के दो वाकये 7 और 12 मई को भी हुए थे। उनमें भी इसी तरह पहले गाड़ियों को खराब किया गया, जिससे लोग गाड़ी से बाहर निकले और फिर उन्हें गनप्वाइंट पर लेकर लूट और रेप की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि दोनों ही मामलों में पुलिस ने साधारण चोरी की घटना ही दर्ज की। दोनों मामलों में अपराधी गिरफ्तार ‌नहीं किए गए।
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