दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि बुधवार शाम करीब पांच बजे कोटला मुबारकपुर इलाके में गुरुद्वारा मार्ग के पास एक इमारत के ढहने की पीसीआर कॉल मिली। सूचना के बाद कोटला मुबारकपुर थानाध्यक्ष प्रवीण यादव अपने टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पूछताछ में पता लगा कि कुछ मजदूर इमारत की छत को तोड़ने का काम कर रहे थे। इसी दौरान इमारत की छत और एक दीवार ढह गई। वहां काम कर रहे विनय व नाथू मलबे के अंदर दब गए थे। घटना स्थल पर करीब तीन फुट की दीवार है। ऐसे में बचाव कार्य में काफी बाधा पहुंची। वहां पर मलबे को हटाने की जगह नहीं थी।
विनय उर्फ बिजली मूलरूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था। वह बड़े भाई उपेंद्र व अन्य लोगों के साथ कोटला मुबारक पुर के गुलजारी गली में रहता था व दिहाड़ी का काम करता था। परिवार में भाई के अलावा पिता, पत्नी व तीन बच्चे (8 व 12 वर्षीय दो बेटियां व पांच वर्षीय बेटा) हैं। परिवार के ये लोग समस्तीपुर में ही रहते हैं। विनय की माता का हाल ही में देहांत हो गया था। वहीं, घायल नाथू उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है। परिवार में केवल पत्नी है।
आनंद को चाय ने बचा लिया
वहां काम कर रहा तीसरा मजदूर आनंद किस्मत वाला रहा। घटना होने से कुछ समय पहले ही अन्य मजदूरों ने उसे चाय लेने भेज दिया। वह चाय लेने चला गया और उसी समय हादसा हो गया। आनंद को अपने साथी के जाने का गम है, मगर वह भगवान को धन्यवाद भी दे रहा है कि उसे बचा लिया।