लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार से जहां देश में दिग्गजों का बुरा हाल है वहीं एक धर्मगुरु ने भाई के चुनाव हारने के गम में आत्महत्या कर ली।
दिल्ली के दक्षिण जिले के वसंतकुंज इलाके में बौद्धों के बड़े धर्मगुरु ने शुक्रवार रात को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह अरुणाचल प्रदेश में भाई के चुनाव हारने से दुखी थे।
उनका चचेरा भाई विधानसभा चुनाव में हार गया था। धर्मगुरु नींद नहीं आने की बीमारी से भी परेशान थे। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने दलाई लामा के लिए प्रार्थना करने के लिए कहा है।
तीन शिष्यों के साथ रहते थे धर्मगुरु
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश निवासी बौद्ध धर्मगुरु टीजी रिनपोछे बी-425, वसंतकुंज एंक्लेव में तीन अनुयायियों के साथ रह रहे थे।
बौद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए वह शेराब सेंगपो नाम से एक एनजीओ भी चलाते थे। शुक्रवार रात को उन्होंने पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
शुक्रवार रात करीब 12.30 बजे घटना की सूचना पुलिस को दी गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि उनका चचेरा भाई सांगे वांसु अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हार गया था। इससे उन्हें सदमा लगा था।
सुसाइड नोट में लिखे ये शब्द
खुदकुशी करने से कुछ घंटे पहले उन्होंने अनुयायियों से चुनाव हारने के दुख को व्यक्त किया था। इसके अलावा वह नींद नहीं आने की बीमारी से भी परेशान थे।
पुलिस को उनकी डायरी में एक सुसाइड नोट मिला है। खुदकुशी करने से पहले उन्होंने परिजनों के लिए लिखा है, ‘आप लोग दुखी मत होना। पापी आदमी की उम्र कम होती है। मैं पछतावे के साथ खुदकुशी कर रहा हूं।’
उन्होंने अंत में लिखा,‘दलाई लामा के लिए कुछ प्रार्थना करो।’ सुसाइड नोट बौद्ध भाषा में लिखा गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम हो गया है और शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजन रविवार को शव को अरुणाचल प्रदेश ले जाएंगे।