साइबर सिटी के तौर पर पहचान बना चुके गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम करने को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब इस विरोध में दलित एंगल शामिल हो गया है। बहुजन समाज पार्टी ने राज्य सरकार के इस फैसले को दलित विरोधी बताया है।
पार्टी का कहना है कि यह मनुवादी विचारधारा थोपने का गुप्त एजेंडा है। पार्टी ने जिले का नाम एकलव्य पर रखने की मांग की है और ऐसा न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बसपा के जोन प्रभारी डॉ. श्यामलाल ने यहां मंगलवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम करने के बारे में सरकार ने तर्क दिया है कि गुरु द्रोणाचार्य ने कौरवों और पांडवों को यहां शिक्षा दी थी। अच्छा होगा कि इसके साथ सरकार यह भी बताए कि शूद्र वर्ण का होने का कारण एकलव्य जैसे होनहार छात्र को उन्होंने शिक्षा देने से क्यों मना कर दिया था।