बसपा नेता डॉ. अमरपाल की हत्या पर लोगों और बसपा नेताओं में गुस्सा है। रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद उनका शव लोनी पहुंचा तो लोग उबल पडे़।
हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी, मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता, 10 बीघा जमीन और सुरक्षा देने की मांग की। एसडीएम लोनी और सीओ बार्डर के आश्वासन के बाद ही शव का दाह संस्कार किया।
दूसरी तरफ, मृतक के पिता ने छोटे बेटे की हत्या में नामजद आरोपियों सहित पांच पर कत्ल की रिपोर्ट दर्ज कराई।
शनिवार शाम बाइक सवार बदमाशों ने जीवन गेट के पास बसपा के पूर्व जिला सचिव डा. अमरपाल जाटव की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। वारदात के वक्त वह पार्टी के एक कार्यक्रम में शिरकत कर ऑटो से घर लौट रहे थे।
डॉ. अमरपाल के पिता ने आठ माह पहले गांव आलमपुर में हुई छोटे बेटे मदनपाल की हत्या में नामजद ओमपाल, विवेक, केशव, नानक और उनके साथी लखपत जाटव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट लिखाई है। 18 फरवरी को गाजियाबाद कोर्ट में डा. अमरपाल और उनके भाई डा. नेपाल की गवाही होनी थी।
बीएसपी नेता गुस्से में
बसपा के क्षेत्रीय विधायक जाकिर अली, गाजियाबाद के विधायक सुरेश बंसल, बसपा नेता रामप्रसाद प्रधान, लोक सभा प्रभारी मुकुुल उपाध्याय, प्यारेलाल जाटव आदि सैकड़ों कार्यकर्ता और लोग लोनी पहुंचे और हंगामा किया।
उनका आरोप था कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते सरेआम हत्याएं हो रही हैं। लूट, डकैती और बलात्कार जैसे जघन्य अपराध हो रहे हैं।
रिवाल्वर नहीं निकाल सके डा. अमरपाल
पुलिस ने बताया कि वारदात के वक्त डा. अमरपाल पर अपना लाइसेंसी रिवाल्वर था, मगर अंधाधुंध फायरिंग की वजह से वे उसका इस्तेमाल नहीं कर सके।
मारी गईं 14 गोलियां
परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बसपा नेता को 14 गोलियां लगना बताया है, जबकि शनिवार को बताया कि उन्हें 8 गोली लगी थीं। 32 बोर के 8 खोखे मौके से मिले थे।