बिल्डर और बीएसपी के जिला पंचायत सदस्य दिलशाद खान हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया है। बिल्डर और बीएसपी के जिला पंचायत सदस्य दिलशाद खान (35) को चार गोलियां लगी थीं। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम हो गया, जिसमें इसकी पुष्टि हुई है। परिजन शव को लेकर शटला गांव, मेरठ यूपी के लिए लेकर रवाना हो गए। दिलशाद के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत चार मामले दर्ज थे। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिलशाद खान को चारों गोलियां पीछे की तरफ से लगीं हैं। दो गोलियां छाती में आकर धंस गई थीं।
bsp leader dilshad
- फोटो : अमर उजाला
एक गोली पीठ व चौथी गोली कमर में लगी थी। बताया जा रहा है कि मौके पर बदमाशों ने छह राउंड फायरिंग की थी। पुलिस को मौके से तीन गोलियों के खोखे मिले हैं। दिलशाद हत्या के प्रयास के मामले में जेल से 24 अगस्त को जमानत पर आया था। वह ब्याज पर रुपये देता था। दिलशाद का शटला गांव निवासी व जामिया नगर में ही रह रहे शादाब से ई-रिक्शा की पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में शादाब पर गोलियां चली थीं।
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मामले में दिलशाद समेत उसके दो भतीजे तालिब व साकिब की गिरफ्तारी हुई थी। तालिब व साकिब अभी जेल में ही हैं। पुलिस इस वारदात में शादाब की तलाश कर रही है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार फहाद शादाब का भांजा है। 31 मई को शादाब पर तीन से चार राउंड फायरिंग हुई थी। इसमें शादाब घायल हो गया था। इस मामले में दिलशान खान उसके दो भतीजे तालिब व साकिब गिरफ्तार हुए थे।
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तालिब व साकिब अब भी जेल में हैं, जबकि दिलशाद 24 अगस्त को जमानत पर आया था। आरोपियों ने खुलासा किया है कि बदला लेने के लिए बिल्डर दिलशाद खान की हत्या की है। पुलिस वारदात में शादाब की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों ही पक्षों में इलाके में अपना रौब जमाने के लिए रंजिश चल रही थी। हाल ही में ई रिक्शा की पार्किंग को लेकर शादाब व दिलशाद के बीच विवाद हुआ था। इसके अलावा प्लॉट पर कब्जे को लेकर भी दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी।
पैदल आए थे हमलावर
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दो हमलावर पैदल आए थे और पैदल ही फरार हुए थे। पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिली है उसमें बदमाश दिलशाद को गोली मारने के बाद पैदल ही भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज से दोनों आरोपियों के बारे में सुराग हाथ लगा था। फुटेज में बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा है। खुलासा हुआ है कि बदले की भावना से इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
315 बोर के कट्टे से मारी गई है गोली
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिलशाद खान को .315 बोर के कट्टे से गोली मारी गई है। मौके से .315 बोर के खाली खोखे मिले हैं। .315 बोर का कट्टा मेरठ में आसानी से मिल जाता है। पुलिस वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिलशाद की हत्या राजनीतिक नहीं बल्कि रंजिश के चलते की गई है।