मेघालय में तैनात बीएसएफ के एक जवान की हृदयगति थमने से मौत हो गई। बुधवार को उनके पार्थिव शरीर को रबूपुरा के मुरादगढ़ी गांव लाया गया।
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा के मुरादगढ़ी निवासी सतीश भाटी पुत्र स्व. हीरी सिंह बीएसएफ में मेघालय के शिलांग में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। 14 अक्तूबर की रात करीब तीन बजे ड्यूटी के दौरान उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया।
उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनका देहांत हो गया। मंगलवार देर रात को उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया। बुधवार सुबह को उनके बेटे नवीन ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
हालांकि ग्रामीणों में रोष था कि थानाध्यक्ष के अलावा कोई भी अधिकारी और प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। वहीं, अधिकारियों से हुई वार्ता में ग्रामीणों ने जवान के परिजनों को सरकार से 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग की।
बीफार्मा के छात्र ने किया सुसाइड
ग्रेटर नोएडा के कासना कोतवाली क्षेत्र स्थित एससी-एसटी छात्रावास में बुधवार दोपहर बीमारी से तंग बीफार्मा के छात्र नवीन (19) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र के कमरे से सुइसाइड नोट मिला, जिसमें बीमारी को आत्महत्या का कारण बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि बुलंदशहर निवासी नवीन नॉलेज पार्क के एक इंस्टीट्यूट में बीफार्मा फर्स्ट ईयर का छात्र था। बताया गया है कि कुछ दिन से वह अकेलापन महसूस कर रहा था। बुधवार को नवीन ने रूममेट से तबीयत खराब होने की बात कही और कॉलेज नहीं गया। दोपहर बाद जब रूममेट कॉलेज से हॉस्टल पहुंचा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
उसने काफी देर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसने खिड़की से देखा कि नवीन पंखे से लटका है। शोर मचाने पर वार्डन और अन्य छात्र वहां पहुंच गए। सूचना पर कासना थाना प्रभारी निरीक्षक समरजीत सिंह मौके पर पहुंचे और कमरे में दाखिल होकर नवीन को फंदे से उतारा गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचना दे दी।
कमरे की तलाशी लेने पर नवीन के बेड पर एक सुइसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी बीमारी को आत्महत्या का कारण बताया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में पता चला कि बीमारी की वजह से लोग नवीन पर दया करते थे, वह मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। वहीं इंस्पेक्टर का कहना है कि नवीन को कभी-कभी दौरे पड़ते थे। हो सकता है कि इसी वजह से उसने खुदकुशी की।