नंदग्राम में छेड़छाड़ से परेशान बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा आकांक्षा वर्मा (19) ने चुनरी का फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा है, ‘लव यू मम्मी-पापा और सॉरी प्लीज माफ कर देना मुझे।’ छात्रा के बड़े भाई सुधीर का आरोप है कि कॉलेज में पढ़ने वाले तीन छात्रों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है।
वे उसे कॉलेज, ट्यूशन में छेड़ते थे। मोबाइल पर अश्लील एसएमएस भेजते थे। फेसबुक पर भी आपत्तिजनक कमेंट्स करते थे। हालांकि देर रात तक थाने में तहरीर नहीं दी गई थी।
नंदग्राम एफ-646 में आकांक्षा परिवार सहित रहती थी। वह कांशीराम राजकीय डिग्री कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। पिता राजेंद्र वर्मा ठेकेदार हैं। मां लीला वर्मा मरियम अस्पताल में कार्यरत हैं। बड़े भाई सुधीर ने बताया कि सोमवार सुबह मम्मी-पापा और भाई काम पर गए थे।
करीब साढ़े 11 बजे आकांक्षा कोचिंग सेंटर से घर लौटी थी। आकांक्षा ने घर की कुंडी अंदर से बंद कर पंखे पर चुनरी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पड़ोसियों ने खिड़की से शव लटका देख उन्हें सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा।
एसएचओ यतेश कुमार ने बताया कि सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल सका है। परिजन कॉलेज में छेड़छाड़ करने की बात कह रहे हैं। तहरीर आने पर रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। एफबी एकाउंट भी खंगाला जाएगा।
दो माह पूर्व बंद कर दिया था एफबी एकाउंट
आकांक्षा के भाई सुधीर ने बताया कि अश्लील कमेंट्स के चलते पिछले दो माह से आकांक्षा ने अपना एफबी एकाउंट आपरेट करना बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि कालेज में पढ़ने वाले कुछ छात्र बहन के एकाउंट पर अश्लील कमेंट्स करते थे, जिसके चलते छात्रों को उन्होंने समझाया भी था। मगर वे नहीं माने।
पिछले कई माह से चला रही थी नया नंबर
सुधीर ने बताया की आरोपी छात्र समझाने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। फेसबुक एकाउंट बंद करने के बाद भी छात्र फोन पर अश्लील मैसेज भेजते थे। जिससे परेशान होकर बहन का सिम उन्होंने अपने पास रख लिया था। पिछले कई सप्ताह से आकांक्षा नया सिम कार्ड प्रयोग कर रही थी।