वारदात के बाद जब दबाव बनाया गया तो राजकुमार के परिजनों ने बताया कि वह थाने में सरेंडर कर देगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पुलिस की एक टीम ने आरोपी का पता किया तो उसकी लोकेशन गाजियाबाद की मिली। पुलिस की एक टीम उसका पीछा करते-करते करीब 200 किलोमीटर तक उत्तराखंड के पिथौरागढ़ पहुंच गई। बाद में दोनों को दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार भी जब्त कर ली है। इसके उनको दिल्ली ले आया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद करने का प्रयास कर रही है। आरोपी राजकुमार उर्फ भोला के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं।
फरमान की मौत के बाद उसके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। अभी छह माह पूर्व ही फरमान की मां का बीमारी से मौत हुई थी। परिवार अभी इस गम से भी नहीं उभरा था कि अब जवान मौत ने परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया है। हमले में फरमान के पिता इदरीस भी जख्मी हैं, परिवार उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहा है। फरमान के फुफेरे भाई जुनैद ने बताया कि 13 जून को फरमान की बेटी अलीजा का जन्मदिन था। बेटी तीन साल की हुई है। बेटी के जन्मदिन के दिन ही पिता का जनाजा घर से उठा है।