शुक्रवार को जीडीए की 50 करोड़ रुपये की बल्ले-बल्ले हो गई। जीडीए को कौशांबी में 200 वर्गमीटर के सात और 500 वर्गमीटर का एक भूखंड मिला है। वहीं, गोविंदपुरम में 200 वर्गमीटर के 30 मकान व भूखंड मिले हैं।
कौशांबी की सभी प्रापर्टीज को कोई लिखा-पढ़ी जीडीए में मौजूद नहीं है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक गोविंदपुरम के मकानों-भूखंडों पर बिना आवंटन पीएसी के जवान रह रहे हैं।
करोड़ों की प्रापर्टीज मिलने से जीडीए अधिकारी उत्साहित हैं कि मेट्रो, एलीवेटेड रोड समेत कई बड़े प्रोजेक्ट में धन की कमी नहीं होगी।
गायब फाइलों की तलाश में जुटे जीडीए अधिकारियों को रोजाना नई-नई संपत्तियों के बारे में पता चल रहा है। जीडीए बाबुओं के गोलमाल में योजना में तो संपत्तियां नियोजित की गईं, लेकिन उनके आवंटन में खेल किया गया। कई संपत्तियां तो सृजित ही नहीं दिखाई गई हैं। कई पर लोग अवैध रूप से कब्जा किए हैं।
प्रॉपर्टी की फाइलें खंगालने में जुटी जीडीए टीम को कौशांबी में प्लाट होने की जानकारी मिली। जिस पर जांच टीम ने प्रॉपर्टी विभाग से जानकारी की। प्रॉपर्टी विभाग के बाबुओं ने आठों प्लाट जीडीए में सृजित होने से साफ इंकार कर दिया।
इसके बाद जीडीए ओएसडी डीपी सिंह ने जीडीए के अन्य विभागों से जानकारी की और नक्शा चेक कराया। इसके बाद टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो प्लॉट मिले। इनके नंबर ए-115 ए, 231ए, 246ए, 36 और बी-25 ए, 29 ए 31 हैं। बड़ा प्लाट बी 28 और 29 के पीछे है।
जीडीए ओएसडी डीपी सिंह ने बताया कि कई साल पहले जीडीए ने गोविंदपुरम में पीएसी को जमीन आवंटित की थी। उसके सामने करीब 30 प्लाट पर बिना आवंटन पीएसी के जवान रह रहे हैं।
इन 30 प्लाटों में से तीन, चार प्लाट पर ही मकान बने हैं। बाकी सभी खाली हैं। ओएसडी के मुताबिक 30 प्लाट को अवैध रूप से घेरने के मामले में पीएसी कमांडेंट को पत्र भेज दिया गया है।
शक्तिखंड के 26 फ्लैटों की नीलामी
जीडीए ओएसडी ने कहा कि बीते दिनों जेल गए बाबू संजीव शर्मा के घर से जीडीए को शक्तिखंड स्थित जिन 26 फ्लैटों की फाइल मिली थी। एमआईजी श्रेणी के इन फ्लैट्स की नीलामी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दूसरी ओर नीतिखंड में मिले 90-90 वर्गमीटर के 28 प्लाटों की भी नीलामी की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि इससे पहले जीडीए लोगों से आपत्ति मांगेगा।