उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की हालत खराब है। लेकिन नोएडा विधानसभा सीट पर पार्टी ने अप्रत्याशित जीत दर्ज की है। यहां भाजपा प्रत्याशी विमला बाथम वैश्य ने समाजवादी पार्टी प्रत्याशी काजल शर्मा को भारी मतों से हराया।
मंगलवार सुबह शुरू हुई काउंटिंग के पहले चरण से ही भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त हासिल कर ली, जो अंतिम चरण तक कायम रही। पहले चरण में भाजपा को 3094, सपा को 1263 और कांग्रेस को 928 वोट मिले थे।
33 चरण तक चली काउंटिंग में भाजपा प्रत्याशी विमला बाथम को 100435, सपा उम्मीदवार काजल शर्मा को 41481 और कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र अवाना को 17212 वोट मिले। वहीं, 1846 वोट नोटा पर भी पड़े।
खराब छवि से हुआ सपा प्रत्याशी को नुकसान
नोएडा में सपा के करारी हार का कारण इलाके में प्रत्याशी काजल शर्मा के पति गुड्डू पंडित उर्फ भगवान शर्मा की खराब छवि को बताया जा रहा है। दरअसल, प्रदेश में सपा उम्मीदवारों को भारी जीत मिली है, लेकिन नोएडा में पार्टी सिर्फ 24.95 प्रतिशत ही वोट हासिल कर सकी।
शुरुआत में भाजपा प्रत्याशी विमला बाथम को कमजोर उम्मीदवार में माना जा रहा था। लेकिन गुड्डू पंडित की खराब छवि और विमला बाथम की साफ-सुथरी छवि का उन्हें फायदा मिला और उन्हें 60.43 प्रतिशत वोट मिले। 13 सितंबर को हुए चुनाव में कुल 166199 वोट पड़े थे।
नोएडा के बस तीन गांवों गढ़ी चौखंडी, सर्फाबाद और होशियारपुर में भाजपा को कम वोट मिले। इसके अलावा भाजपा को पूरे इलाके से काफी वोट मिले। विमला की जीत में क्षेत्र के सांसद महेश शर्मा का काफी योगदान रहा। पूर्व विधायक के सांसद बनने पर ही यह सीट खाली हुई थी।
आखिरी चरण बचा पाए जमानत
नोएडा उपचुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र अवाना की लुटिया डूबते-डूबते बची। उन्हें अपनी जमानत बचाने तक के लिए आखिरी चरण तक इंतजार करना पड़ा। राजेंद्र अवाना को कुल 17212 वोट मिले वह तीसरे नंबर रहे।