दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (डूसू) के नतीजे शनिवार को घोषित किए गए और यहां के परिणामों ने देशभर को चौंका दिया।
छात्रसंघ चुनाव में चारों पदों पर भारतीय जनता पार्टी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। इस जीत के बाद यहां तक कहा गया कि एबीवीपी ने तो मोदी लहर को भी मात दे दी।
चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद ही एक चौंकाने वाला सच सामने आया। पूरे कैंपस में एबीवीपी की उम्मीदवार कनिका शेखावत के नाम के साथ जो पोस्टर लगाए गए थे उस पर चेहरा किसी और का था।
असल में प्रचार के दौरान कनिका शेखावत के पोस्टर पर जिस खुबसूरत चेहरो को दिखाया गया था वह एक एक्ट्रेस, मॉडल और वीजे नौहीद सायरुसी का था।
बेहद आकर्षक दिखने वाले पोस्टर के बाद जब विजेता कनिका छात्रों के सामने आईं तो कई कॉलेजों के छात्र हैरान थे।
पूरे दिल्ली में लगाए गए ऐसे ही पोस्टर
डीयू स्टूडेंट्स को यकीन नहीं हो रहा कि जिस चेहरे को उन्होंने वोट दिया था वो तो कोई और ही था। चुनाव के दौरान नौहीद सायरुसी के चेहरे वाले पोस्टर दिल्ली के सबवे से लेकर फ्लाई ओवर, मेट्रो पिलर्स और कैंपस के आस पास लगाए गए थे।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जब इस बारे में पोस्टर में छपी एक्ट्रेस से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें तो पता भी नहीं था कि डूसू के इलेक्शन में उनके चेहरे वाले पोस्टर चिपकाए गए हैं।
उनके कुछ दोस्तों ने ईमेल से कुछ तस्वीरें भेजीं तब उन्हें इस घटना के बारे में पता चला। नौहीद सायरुसी का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें क्या करना चाहिए।
हराने के लिए रची साजिश
हालांकि इस बारे में कनिका का कहना है कि यह सब उनके विरोधियों की चाल है। एनएसयूआई ने उनकी छवि खराब करने और उन्हें हराने के लिए यह साजिश की थी। इसके बावजूद वह मुझे हरा नहीं पाए।
गौरतलब है कि कनिका शेखावत डूसू इलेक्शन में जीत कर सचिव के पद पर कार्यरत हैं। चुनाव में कनिका शेखावत को 18671 वोट मिले और इसी पद पर एनएसयूआई की पराजित उम्मीदवार अमित सिद्घू को 15649 मत मिले थे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि डीयू प्रशासन इस पोस्टर वार को कितनी गंभीरता से लेता है और इस मुद्दे पर क्या कार्यवाई करता है।
'प्रेम और सौंदर्य की देवी' नौहीद
'प्रेम और सौंदर्य की देवी' नौहीद नाम का यही मतलब होता है। भारतीय मूल के परिजनों के घर जन्मीं नौहीद असल में ट्रैवलिंग में अपना कैरियर बनाना चाहती थीं।
पढ़ाई के दौरान उन्होंने मॉडलिंग में पैर रखा और इस फिल्ड में तीन साल काम करने के बाद तय किया कि अभिनय में ही अपना कैरियर आगे बढ़ाएंगी।
एम कॉम तक पढ़ीं नौहीद का जन्म और पढ़ाई-लिखाई ब्रिटेन में हुई। 14 साल की उम्र में एक मॉडलिंग ऑडिशन में वह अपने दोस्त का साथ देने गईं थीं। यहीं पर उन्होंने खुद भी ऑडिशन दिया और सलेक्ट हो गईं।
भारत में उनका पहला विज्ञापन 'धारा रिफाइंड' का था। इसके बाद वह इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट के कई विज्ञापनों में दिखाई दीं।
'पिया बसंती' ने किया हिट
जल्द ही उन्हें एक वीडियो एलबम में काम करने का मौका मिला। पिया बसंती में उनके परफॉर्मेंस ने उन्हें रातों रात लोकप्रिय बना दिया।
फिल्मों में उनकी एंट्री पदम कुमार की फिल्म सुपारी से हुई। हालांकि यह फिल्म फ्लॉप हो गई। इसके बाद उन्होंने जी टीवी के शो हिप हिप हुर्रे के लिए वीजे का काम भी किया। मॉडल के तौर पर नौहीद ने 2007 के इंडिया फैशन वीक में भी शिरकत की।
सैफ अली खान और करीना कपूर खान की 2009 में रिलीज फिल्म कुर्बान में भी नौहीद ने अभिनय किया। फिलहाल दिल्ली यूनिवर्सिटी में एबीवीपी के एक उम्मीदवार कनिका शेखावत के पोस्टर पर उनकी तस्वीर ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।