प्रदेश भाजपा का मानना है कि दिल्ली की एक तिहाई जनता पानी की बर्बादी के कारण प्यासी रह जाती है। दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 1100 एमजीडी पानी की मांग है। लेकिन आपूर्ति 833 एमजीडी ही है। इस तरह से मांग और आपूर्ति में काफी अंतर है। दिल्ली जल वोर्ड की लापरवाही के कारण दिल्ली में 40 प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है। यही वजह है कि दिल्ली में पानी की किल्लत बराबर बनी रहती है।
दिल्ली के पूर्व वित्तमंत्री जगदीश मुखी ने कहा है कि दिल्ली में भाजपा सरकार में आई तो वह पानी की बर्बादी रोककर दिल्ली की प्यास बुझाएगी। हरियाणा में भाजपा की सरकार है। हरियाणा सरकार से भी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही दिल्ली को पानी मिलेगा।
राजनीतिक पार्टियों को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल के कांग्रेस के शासनकाल में दिल्ली की जनता के साथ छल हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पानी की समस्या का ठीकरा हमेशा से पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सिर फोड़ती रही। लेकिन उन्होंने जल बोर्ड पर कभी भी शिकंजा नहीं कसा। अगर 40 प्रतिशत पानी बर्बाद नहीं हो तो दिल्ली की लाखों लोग पानी को न तरसें। उन्होंने कहा कि 49 दिन वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी पानी की बर्बादी रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
सत्ता में आने पर भाजपा सबसे पहले पानी की बर्बादी को 40 प्रतिशत से कम कर के 10 प्रतिशत तक लाएगी। इस तरह से 30 प्रतिशत पानी बढ़ाकर दिल्ली की जनता की प्यास को बुझाई जाएगी।