केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय उत्कृष्ट महोत्सव का आगाज
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संस्कृत को जनता तक पहुंचाया जाए, क्योंकि यह ज्ञान और विज्ञान का विषय है। जहां संस्कृत है वहीं संस्कृति है। यह भाषा अंधकार से प्रकाश तक ले जाने का एक माध्यम है। संस्कृत को ठीक तरह से बढ़ाने की जरूरत है। ये बातें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहीं। वह शनिवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में बोल रहे थे। विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय उत्कर्ष महोत्सव की शुरुआत हुई, जो आगामी नौ मई तक चलेगा।
नड्डा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल की संस्कृत आपस में मिल-जुलकर रहने की बात सिखाती है। इसका साक्षात प्रमाण कोरोना काल में भी देखा गया है। देश की सारी जनता ने सरकार के साथ मिलकर इस वैश्विक संकट का सामना डटकर किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत की पढ़ाई इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत का ज्ञान-विज्ञान इसी संस्कृत भाषा में है। उन्होंने संस्कृत के संदंर्भ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के महत्व को भी स्पष्ट किया।