दिल्ली में जोड़तोड़ की सरकार बनाने की उम्मीद अब नाम मात्र की रह गई है। भाजपा ने मध्यावधि चुनाव में जाने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। मंगलवार को यह तय माना जा रहा है कि भाजपा इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करेगी और विधानसभा चुनाव को ही विकल्प के रूप में चुनेगी।
इस तरह दिल्ली में सरकार बनाने और नहीं बनाने की अटकलों पर भी पूर्ण विराम लग जाएगा। इसके अलावा अन्य राजनीतिक पार्टियों के आरोप भी खारिज हो जाएंगे जिनमें भाजपा पर बार-बार उनके विधायकों को तोड़ने की बात कही गई है।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भाजपा को दिल्ली में सरकार बनाने की संभावना और चुनाव में जाने पर अपनी राय देनी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अब तय कर लिया है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव हाने चाहिए। इसलिए यह तय माना जा रहा है कि कोर्ट में भाजपा मध्यावधि चुनाव में जाने की बात कहेगी।