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'जेएनयू में रोज होते हैं रेप और ये है घिनौनी हरकतों का अड्डा'

Wed, 25 May 2016 03:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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gyandev ahuja
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जेएनयू को बला‌त्कारियों और अपराधियों का अड्डा बताने वाले बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने एक और विवादास्पद बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि, 'नेहरू-गांधी परिवार की सभी प्रतिमाओं को मूर्तियों को उखाड़ फेंकना चाहिए वर्ना वो दिन दूर नहीं कि जब लोग इन पर थूकेंगे।'
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इसके साथ ही अपने दो दिन पहले दिए बयान पर कायम रहते हुए आहूजा कि वो अपने बयान पर आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि जेएनयू में रोज बलात्कार होते हैं और विश्वविद्यालय अपराधियों का गढ़ है।

ज्ञानदेव आहूजा राजस्थान के बीजेपी विधायक हैं। इससे पहले भी उन्होंने जेएनयू पर विवादास्पद बयान दिया था कि वहां रोज हजारों इस्तेमाल किए हुए कॉन्डम मिलते हैं। विधायक आहूजा ने कहा कि रेप तो वहां रोज होते है, वहां बहुत सारे ऐसे बलात्कारी हैं। जेएनयू घिनौनी हरकतों का अड्डा है।
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जेएनयू उपाध्यक्ष शेहला ने भी लगाया था श‌िक्षकों पर यौन शोषण का आरोप

shehla rashid
जेएनयू छात्र संघ उपाध्यक्ष शेहला राशिद का यूट्यूब पर अपलोड एक वीडियो सामने आया है जिसमें उसने जेएनयू के अध्यापकों पर यौन शोषण का आरोप लगाया है।

बता दें कि हाल ही में भाजपा के राजस्‍थान से विधायक ज्ञानदेव ने जेएनयू में रोजाना हजारों कंडोम मिलने की बात कही थी जिस पर काफी हंगामा हुआ था।

भाजपा विधायक का कहना था कि विश्वविद्यालय परिसर के कूड़े के ढेर से रोजाना तीन हजार से ज्यादा इस्तेमाल किए हुए कंडोम, गर्भपात कराने वाले इंजेक्‍श, बियर की बोतलें और नशे का सामान मिलता है। हालांकि उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी।

अब शेहला के इस वीडियो में ऐसी ही बात सामने आई है जिसमें चौंकाने वाला तथ्य ये है‌ कि उसने जेएनयू के अध्यापकों पर यौन शोषण की बता कही है।

इस वीडियो में शेहला छात्रों को संबोधित करते हुए कह रही है कि जेएनयू अत्याचार का अड्डा बन चुका है जहां प्रोफेसरों द्वारा लड़कियों के यौन शोषण की शिकायत करने पर उनके ही खिलाफ कार्यवाई की जाती है।

शेहला दिल्ली में 16 दिसंबर की घटना का जिक्र करते हुए कहती हैं कि ऐसे क्राइम के बारे में कहा जाता है कि ये वो लोग हैं जो कम पढ़े लिखे हैं और गांवों से आए हैं। जबकि ये प्रोफेसर ऐसे वातावरण में रहते हैं जहां लड़कियों का आधुनिक कपड़ों में घूमना आम बात है।

इन प्रोफेसरों के बारे में ये भी नहीं कहा जा सकता है कि गांव से सीधे आए हैं या कम पढ़े लिखे हैं लेकिन जब भी कोई लड़की इनके खिलाफ शिकायत करती है तो मजबूत लॉबी उस लड़की को ही दोषी करार दे देती है और उसे ही सजा दे दी जाती है। ये वीडियो 9 मार्च 2014 है।
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