दिनभर के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार भाजपा प्रवक्ता तजिंदर बग्गा देर रात ही दिल्ली स्थित अपने घर पहुंच गए। इससे पहले रात को ही गुरुग्राम में द्वारका कोर्ट की मजिस्ट्रेट के घर पर बग्गा की पेशी हुई।
मजिस्ट्रेट के यहां से राहत मिलने और रिहाई के बाद बग्गा समर्थकों के साथ अपने घर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपने कंधों पर उठाकर स्वागत किया। इस दौरान बग्गा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि वो लोग जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद से कुछ भी कर सकते हैं मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भाजपा कार्यकर्ता किसी से नहीं डरेगा। मैं हरियाणा, दिल्ली पुलिस और मेरा समर्थन करने वाले भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं। दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और दोषियों को सजा मिलेगी। घर पहुंचने पर बग्गा के घर उत्सव का माहौल है। समर्थकों के बीच देर रात तक मिठाइयां बांटी गईं।
बग्गा की घर वापसी पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि यह सत्य, लोकतंत्र और न्याय की जीत है। भाजपा कार्यकर्ता न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा। हम किसी से नहीं डरते। हम अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरने वाले हैं।
घर पहुंचकर बग्गा ने कहा कि यह एक अवैध हिरासत थी। इसकी सूचना किसी स्थानीय पुलिस अधिकारी को नहीं दी गई। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल चाहें तो मेरे खिलाफ 100 और एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। हम तब तक लड़ते रहेंगे जब तक वह कश्मीरी पंडितों के बारे में जो कुछ कहा उसके लिए माफी नहीं मांगते।
बेटे की घर वापसी पर तजिंदर के पिता पीएस बग्गा ने कहा कि पुलिस अधिकारी तजिंदर को घसीटने लगे। उन्होंने उसे पगड़ी भी नहीं पहनने दी। यह हमारे धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ है। हमने पंजाबी भाइयों से इसके खिलाफ आवाज उठाने को कहा है। आखिरकार तजिंदर वापस घर आ गया है, यह सत्य की जीत है।
इससे पहले पंजाब पुलिस द्वारा भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा को गिरफ्तार किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें कुरुक्षेत्र से वापस दिल्ली ले आई। बग्गा को जज के सामने पेश करने से पहले दिल्ली पुलिस ने दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। पुलिस ने उसे वहां से सीधा जनकपुरी थाना लेकर आई और फिर गुरुग्राम में जज के आवास पर पेश करने से पहले देर शाम उसका मेडिकल करवाया। उसके बाद पुलिस टीम बग्गा को लेकर गुरुग्राम के लिए रवाना हो गई।
दूसरी तरफ बग्गा की गिरफ्तारी के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने जनकपुरी पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अरविंद केजरीवाल और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पूरी प्रक्रिया के तहत बग्गा को लिया हिरासत में
मोहाली के डीएसपी (डी) केएस संधू को जनकपुरी पुलिस स्टेशन के बाहर नारेबाजी और विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने तजिंदर पाल सिंह बग्गा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया का पालन किया और मामला अदालत में लंबित है।
क्या बोले सीएम मनोहर लाल
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बीजेपी नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी पर कहा कि पंजाब पुलिस ने कहा कि वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे, यह उनके ऊपर है। अंतत: हरियाणा पुलिस ने उन्हें दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। पंजाब और दिल्ली पुलिस दोनों इसे वहां से ले सकते हैं। सीएम ने कहा कि हरियाणा पुलिस सतर्क हो गई और उन्हें पिपली के पास कुरुक्षेत्र में रोक दिया। चूंकि हमें दिल्ली से सूचना मिली थी, इसलिए उन्हें दिल्ली पुलिस को सौंपना हमारा कर्तव्य था। इस बीच, उन्होंने अपनी पहचान बताई कि वे पंजाब पुलिस हैं और उसे अपने साथ ले जा रहे हैं। हमने अपना काम किया है।
तेजिंदर बग्गा के पिता के बयान पर जनकपुरी थाने में पंजाब पुलिस कर्मियों पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस के तीन जवानों को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस को पंजाब पुलिस ने बताया था कि तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ 153-ए (धर्म, जाति, स्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 505 (बयान, अफवाह या रिपोर्ट प्रकाशित या प्रसारित करना) और 506 (आपराधिक धमकी) जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
बग्गा के पिता प्रीतपाल सिंह बग्गा ने बताया कि आज सुबह 10-15 पुलिसकर्मी हमारे घर आए और तजिंदर को घसीटकर बाहर निकाला। जब मैंने घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए अपना मोबाइल फोन उठाया, तो पुलिस मुझे दूसरे कमरे में ले गई। यहां पुलिस ने मेरे चेहरे पर मुक्का मारा।
दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा...
दिल्ली और पंजाब पुलिस के वकील पीबी गुप्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने द्वारका कोर्ट से सर्च वारंट जारी किया और तजिंदर पाल सिंह बग्गा को वापस ले आई लेकिन उसे समय पर अदालत में पेश नहीं किया गया था और हम उसे पेश करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की प्रतीक्षा में रहे। बग्गा को 2-3 बार जांच में शामिल होने का नोटिस दिया गया था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसलिए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।