प्रदेश भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि पिछले एक दशक से दिल्ली वाले पानी की अनियमित सप्लाई, कमी के साथ ही गंदे पानी का संकट झेल रहे है। सरकार दिल्ली जल बोर्ड और हरियाणा की राज्य सरकार पर दोषारोपण करती है और खुद पल्ला झाड़ लेती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने लापरवाही की पोल खोल दी है। हर वर्ष दिल्ली में जल जनित बीमारी के लिए भी सरकार जिम्मेदार हैं।
सचदेवा ने कहा है की दिल्ली वाले यह जान कर स्तब्ध हैं कि वजीराबाद वाटर प्लांट में गाद जमा है। यही वजह है कि हरियाणा से आने वाला पानी दिल्ली अपने वजीराबाद प्लांट में रोकने में असमर्थ है, लगभग 9 लाख मिलियन क्यूसेक पानी यमुना में बह जाता है। सच्चाई यह है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकार दिल्ली सरकार को उसके हिस्से का पानी देती है।