दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जनप्रतिनिधि फंड खत्म करने और सरकारी सुविधाएं नहीं लेने की पहल से कोई सरोकार न रखते हुए भाजपा के पार्षद विधायकों की भांति वेतन, भत्ते, सुविधाएं और पार्षद मद की मांग कर रहे हैं।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में बजट प्रस्ताव रखते हुए नरेला वार्ड समिति की अध्यक्ष जगरोशनी ने यह मांग रखी। उन्होंने पार्षद मद में चार गुना बढ़ोतरी की पैरवी की।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट को अंतिम रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को स्थायी समिति की बैठक में सभी छह वार्ड समितियों के अध्यक्षों ने सुझाव और प्रस्ताव दिए। इस दौरान नरेला वार्ड समिति की अध्यक्ष जगरोशनी ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान और दिल्ली के विकास में पार्षद अहम भूमिका निभा रहे हैं। मगर, उन्हें विधायकों की तरह सरकारी सुविधा नहीं मिल रही।
कहा कि इलाके का विकास करने के लिए पार्षद मद में केवल 50 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। इतनी राशि में वह तीन-चार गलियों का ही निर्माण करा पाते हैं। उन्होंने पार्षद मद को बढ़ा कर दो करोड़ रुपये करने की मांग की। करोल बाग वार्ड समिति की अध्यक्ष श्याम बाला छिल्लर और सदर पहाड़गंज वार्ड समिति की अध्यक्ष नीलम धीमान ने मकानों के नक्शे पास करने की प्रक्रिया को सरल बनाने का सुझाव दिया।
शहरी वार्ड समिति के अध्यक्ष आले मोहम्मद इकबाल ने फ्लोर स्तर पर मकानों के नक्शे पास करने का सुझाव दिया। इसके अलावा हैरिटेज भवनों के रखरखाव के लिए फंड की व्यवस्था करने पर जोर दिया। उनमें कुछ व्यावसायिक गतिविधियां करने का भी सुझाव दिया।