जल बोर्ड का फंड जारी करें एलजी
आप का कहना है कि भाजपा वाले समझ गये हैं कि दिल्ली और देश की जनता ये जान गई है कि अरविंद केजरीवाल को राजनीतिक कारणों की वजह से एक झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। दिल्ली में कोई शराब घोटाला हुआ ही नहीं है। अब भाजपा ने दिल्ली जल बोर्ड घोटाला का एक नया शिगूफ़ा छोड़ा है। इसको भी दो साल तक चलायें और फिर कुछ नहीं निकलेगा। ऐसी नकारात्मक राजनीति अच्छी नहीं है। आप फिर से मांग करती है कि एलजी तत्काल प्रभाव से दिल्ली जल बोर्ड के लंबित फंड को जारी करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे।
जल बोर्ड के मसले पर भाजपा विधायकों का सदन में हंगामा
विधानसभा में सोमवार को भाजपा विधायकों ने दिल्ली जल बोर्ड में 73 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष ने शांत नहीं होने पर भाजपा विधायकों को मार्शल से बाहर कर दिया। इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। उधर, विधानसभा परिसर में धरने में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के शामिल होने पर आप विधायक संजीव झा ने सदन में मुद्दा उठाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अपने साथी विधायकों मोहन सिंह बिष्ट, विजेंद्र गुप्ता, ओमप्रकाश शर्मा, जितेंद्र महाजन, अनिल वाजपेयी, अभय वर्मा और अजय महावर के साथ दिल्ली सरकार की रिपोर्ट का हवाला देेते हुए जल बोर्ड में 73 हजार करोड़ रुपये का घोटाला होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले पर चर्चा की मांग की, मगर विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने उनकी मांग नहीं मानी। उन्होंने तर्क दिया कि भाजपा की ओर से इस बारे में नोटिस नहीं भेजा गया है। इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनको बाहर जाने का निर्देश दिया, मगर वह नारेबाजी करते रहे। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष ने उनको मार्शल आउट कर दिया।
भाजपा विधायकों ने सदन से निकलने के बाद विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया और जल बोर्ड के मामले में एफआईआर दर्ज करने और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की मांग की। धरने में उनके साथ प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल हुए। इस मौके पर बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार की खान बन चुका है और घोटालों ने जल बोर्ड को कंगाल कर दिया है।