भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय की टीम में बदलाव की सिर्फ चर्चाएं ही होती रही हैं।
अमित शाह के अध्यक्ष बनने से पहले ही उपाध्याय को दिल्ली भाजपा की कमान सौंप दी गई थी लेकिन अब तक उन्होंने अपने नए सिपाहियों का चुनाव नहीं किया। उपाध्याय के अध्यक्ष बनने बनने के बाद से ही यह चर्चा है कि प्रदेश कार्यकारिणी में बड़ा बदलाव होगा।
वहीं, कांग्रेस में भी हालात कुछ अच्छे नहीं दिख रहे हैं। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी आलाकमान ने प्रदेश और स्थानीय कार्यकारिणी भंग कर दी थी। उसके बाद से अब तक इसका गठन नहीं हो सका है।
संघ से लेकर मंत्रियों के दर तक चक्कर
दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद सतीश उपाध्याय ने नई टीम के गठन के संकेत दिए थे लेकिन अब तक बात बनी नहीं। दिल्ली में चुनाव कराने या फिर सरकार बनाने के मुद्दे पर भाजपा कुछ यूं घिरी हुई है कि उसे इस बात का फैसला करना कठिन लग रहा है।
उपाध्याय के आने से पुराने अध्यक्ष और उनके चहेते नेताओं को कार्यकारिणी में अपनी जगह खतरे में लगने लगी है। बीच में ऐसी खबरें आईं कि ऐसे नेता संघ और केंद्रीय मंत्रियों के दर पर चक्कर लगा रहे हैं ताकि उनकी जगह पक्की रहे।
अमित शाह की टीम का ऐलान होने के बाद अब प्रदेश कार्यकारिणी में भी जल्द नई टीम की घोषणा के कयास लगाए जा रहे हैं।
बिना टीम के मैच जीतने की तैयारी
दिल्ली कांग्रेस नेताओं से जब भी सवाल किया जाता है कि क्या आप विधानसभा के लिए तैयार हैं तो जवाब मिलता है, हां। लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले भंग प्रदेश कार्यकारिणी, जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी और सभी प्रकोष्ठ का गठन अभी तक नहीं हो सका है।
ऐसे में पार्टी के नेता ही प्रदेश नेतृत्व से सवाल कर रहे हैं कि बिना टीम के प्रदेश अध्यक्ष विधानसभा का मैच कैसे जीतेंगे? वहीं, कुछ नेता यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस तो प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और मुख्य प्रवक्ता ही चला रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने जुलाई में जिला स्तर पर पर्यवेक्षकों की टीम बनाकर घोषणा की थी कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक रिपोर्ट आ जाएगी। फिर टीम वार्ड और ब्लॉक कमेटी का गठन कर दिया जाएगा, लेकिन पर्यवेक्षक टीम के नेताओं का कहना है कि अभी तक फाइनल रिपोर्ट भी नहीं मांगी गई है।
हरियाणा चुनाव ने रोका है ये काम!
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी डॉ. शकील अहमद हरियाणा चुनाव में व्यस्त हैं। प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने जिस तरह से प्रदेश कार्यकारिणी और निचली कमेटी भंग करके फ्री-हैंड नेतृत्व मिलने का दावा किया था, ऐसा अब नजर नहीं आ रहा है। वहीं आलाकमान केंद्रीय स्तर पर खुद उभरने की कोशिश में लगा है।
अमर उजाला ने दिल्ली कांग्रेस में पर्यवेक्षक, जिलाध्यक्ष व प्रदेश स्तर पर सक्रिय तमाम नेताओं से कांग्रेस की टीम बनाने में देरी पर बातचीत की।
ऑफ रिकॉर्ड सभी नेताओं ने कहा है कि संगठन घोषित करने की देरी का नुकसान उठाना पड़ेगा। 15 साल में जमीन से जुड़े अच्छे नेता दब गए हैं। प्रदेश नेतृत्व को यह डर भी सता रहा है कि जिसे मौका नहीं दिया वह आम आदमी पार्टी या भाजपा की तरफ भागेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि पार्टी हाईकमान अभी हरियाणा चुनाव में व्यस्त है। जहां तक दिल्ली के संगठन की बात है तो मुझे उम्मीद है कि जल्द ही संगठन अपनी टीम घोषित करेगा।