बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अरविंद केजरीवाल प्रेम देखने का मिल रहा है। पिछले चार महीने में केजरीवाल के साथ नीतीश की तीसरी मुलाकात है।
पिछली मुलाकात में उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के लिए पांच पुलिस अधिकारी दिल्ली को दिए थे। अबकी बार अरविंद केजरीवाल कोई रिटर्न गिफ्ट देंगे या नहीं अभी कुछ साफ नहीं है।
हालांकि, मोदी विरोधियों को एकजुट करने के नीतीश के अभियान को हवा इस मुलाकात से जरूर मिली है। इसके अलावा दोनो की मुलाकात को बिहार के आगामी चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या है मुलाकात के मायने?
नीतीश कुमार ने दिल्ली सचिवालय में करीब एक घंटे तक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बात की। उन्होंने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का समर्थन भी किया।
केंद्र सरकार पर दिल्ली को तंग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाए जाने के अभियान को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। हम भी इसका पूर्ण समर्थन करते हैं।
न सिर्फ हमारी पार्टी के सांसद, बल्कि दूसरी पार्टी के सांसदों से समन्वय करके दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की कोशिश संसद में भी करेंगे।
'बिहार में चुनाव तो आने दीजिए'
मुलाकात के बाद नीतीश से जब पूछा गया कि बिहार आने का न्योता केजरीवाल को दिया या नहीं? तो उन्होंने सीधे हां या नहीं में जवाब नहीं दिया। इतना जरूर कहा कि बिहार में चुनाव तो आने दीजिए।
गौरतलब है कि दोनों मुख्यमंत्री के मुलाकात से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी विस चुनाव में नीतीश कुमार के समर्थन में अरविंद केजरीवाल कोई अपील जारी कर दें।
ये भी हो सकता है कि किसी रैली में नीतीश के लिए वोट की अपील करें। लेकिन, अभी कुछ इस बारे में फाइनल नहीं हुआ है। इसमें लालू यादव के साथ गठबंधन को एक बाधा के रूप में देखा जा रहा है।