देश की राजधानी दिल्ली के कंझावला-बवाना रोड पर शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े बदमाश अंकित ने खुलासा किया है कि वह अपने गांव खेड़ी-सांपला (रोहतक) में चाचा की हत्या करना चाहता था। इसके लिए विकास दलाल ने वादा किया था कि यदि वह प्रवीण गहलोत की हत्या में उसकी मदद करेगा, तो वह उसके चाचा की हत्या में मदद करेगा।
अंकित इसके लिए तैयार हो गया। 19 मई को द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन के नीचे विकास दलाल, अंकित व साथी चीता ने प्रवीण गहलोत की हत्या कर दी, लेकिन इसी दौरान पीसीआर वैन का सिपाही नरेश वहां पहुंच गया। उसकी गोली से विकास मारा गया। बाद में अंकित व चीता मौके पर अपनी एक बाइक छोड़कर कार से फरार हो गए।
स्पेशल सेल ने शुक्रवार को हत्याकांड में अंकित को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसकी दोनों टांगों में गोलियां लगीं, जबकि अंकित की गोली से एक एसआई कृष्ण भी जख्मी हो गया है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि पूछताछ में आरोपी अंकित ने खुलासा किया है कि पिता की मौत के बाद उसकी जमीन पर उसके चाचा ने कब्जा कर लिया था, इसलिए वह चाचा की हत्या करना चाहता था। एक मामले में वह फरीदाबाद की जेल में बंद हुआ, तो वहां लकी नामक एक युवक ने उसकी मुलाकात गैंगस्टर विकास दलाल से कराई।