इंद्र सिंह निवासी सैनीपुरा ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे भतीजा लालाराम अपने साथी राकेश के साथ बाइक से ड्यूटी जा रहा था। जैसे ही वे दोनों बिलासपुर मार्ग झामुवास मोड़ के समीप पहुंचे तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इस टक्कर से बाइक चालक व पीछे बैठा सवार युवक उछलकर दूर गिर गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को पटौदी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भेजा गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रेवाड़ी के आदित्य अस्पताल में रेफर कर दिया। उपचार के दौरान लालाराम की मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक राकेश की हालत अब भी गंभीर बनी है।
स्थानीय निवासी नवीन कुमार ने बताया कि लालाराम की मृत्यु के बाद अस्पताल संचालक ने उनके शव को नीचे बेसमेंट में रखवा दिया। बेसमेंट में रखे युवक के शव के सर को कुत्तों ने बुरी तरह खा लिया। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि अस्पताल कर्मियों और परिजनों के बीच मारपीट भी हुई। पुलिस ने हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सुबह 70 प्रतिशत बचने की उम्मीद बताई, शाम को कहा एक से दो प्रतिशत ही समझें
तावडू निवासी बालमुकुंद ने बताया कि लालाराम उसका भाई था। चोट अधिक लगने की वजह से न्यूरो सर्जन के पास भर्ती करने के लिए उन्हें कहा गया था। लालाराम को वह शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लाए। तब चिकित्सक ने कहा कि 70 प्रतिशत बचने की उम्मीद है। सर्जरी पर एक लाख रुपये का खर्च होगा। शाम 7 बजे के बाद बताया गया कि बचने को उम्मीद अब केवल एक से दो प्रतिशत है़। इसके बाद मालूम चला कि लालाराम की मौत हो गई है। बालमुकुंद का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें गुमराह किया है।
दोनों पक्षों ने की जांच की मांग
अब सीसीटीवी फुटेज अहम रोल निभाने वाले हैं क्योंकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। वहां पर कोई भी कुत्ता नहीं था। इधर, परिजनों का कहना है कि उनके पास भी मौके का वीडियो मौजूद है और कुत्तों के पैरों के निशान का वीडियो उनके पास है। मामले में दोनों ही पक्षों ने जांच की मांग की है। -डॉ. मणिकंदन अस्पताल संचालक