‘भारत माता की जय नहीं बोलूंगा’ वाले बयान के सिलसिले में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ पुलिस ने साक्ष्य न होने पर फिलहाल कोई भी कार्रवाई करने से इनकार किया है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में शिकायतकर्ता ने कोई भी साक्ष्य नहीं दिया है। कड़कड़डूमा जिला अदालत के सीएमएम मुनेश मरकन के समक्ष पुलिस ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता बृजेश चंद शुक्ला ने मात्र इतना कहा है कि ओेवैसी 34 अशोक रोड पर रहता है।
पुलिस ने कहा कि हमने शिकायतकर्ता से पूछताछ की और उसकी शिकायत के समर्थन में साक्ष्य मांगे, लेकिन उसने ऐेसे किसी व्यक्ति का नाम नहीं बताया, जिसने औवेसी को विवादित बयान देते हुए सुना।
इतना ही नहीं स्वयं भी न तो किसी चैनल पर औवेसी को बयान देेते हुए सुना न ही किसी ने उसे बताया। पुलिस ने पेश रिपोर्ट में कहा कि उसने अभी तक कोई रिकॉर्डिंग भी पेश नहीं की है।
इसके अलावा वह एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा है। ऐसे में जांच संभव नहीं है। सीएमएम के छुट्टी पर होने के चलते मामले की सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की गई है।
शिकायतकर्ता ने ओवैसी के खिलाफ देशद्रोह व वैमनस्य फैलाने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है। ओवैसी राजनीतिक दल एआईएमआईएम के अध्यक्ष व हैदराबाद से सांसद हैं।
स्वराज जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश चंद शुक्ला द्वारा पेश शिकायत में कहा गया है कि ओवैसी ने अपने बयान में कहा है कि अगर उसकी गर्दन पर कोई छुरी भी रख देगा, तब भी वह भारत माता की जय नहीं बोलेगा।
उसका यह बयान देश के प्रति उसकी नफरत और दुश्मनी को दिखाता है। याची ने तर्क रखा है कि ओवैसी का बयान दर्शाता है कि वह देश के प्रति वफादार नहीं है और देश की छवि को खराब करना चाहता है। उनका यह बयान देशद्रोह के दायरे में आता है। पुलिस को इस बाबत शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।