अग्निपथ योजना के विरोध में भारत बंद का असर दिल्ली में नहीं दिखा। दिल्ली में चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार, कनाट प्लेस, करोल बाग, पहाड़गंज आदि प्रमुख बाजारों के साथ-साथ छोटे बाजार एवं लाजपत नगर, ग्रेटर कैलाश, साउथ एक्स, हौज खास आदि मार्केट भी सोमवार को पूरी तरह खुली रही।
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में विभिन्न संगठनों के सोमवार को भारत बंद आह्वान का दिल्ली में कोई असर नहीं दिखा। दिल्ली के तमाम बाजार व मार्केट और कार्यालय अन्य दिनों की तरह सोमवार को भी खुले। इतना ही नहीं, दिल्ली में किसी भी संगठन ने मार्केट व बाजार और कार्यालय बंद कराने का प्रयास नहीं किया।
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दिल्ली में चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार, कनाट प्लेस, करोल बाग, पहाड़गंज आदि प्रमुख बाजारों के साथ-साथ छोटे बाजार एवं लाजपत नगर, ग्रेटर कैलाश, साउथ एक्स, हौज खास आदि मार्केट भी सोमवार को पूरी तरह खुली रही। इन मार्केट एवं बाजारों में एक भी दुकान बंद नहीं रही। इसके अलावा मार्केट एसोसिएशनों एवं भारत बंद का आह्वान करने वाले संगठनों ने भी दुकानें बंद कराने का प्रयास किया। इस तरह दिल्ली के सभी बाजारों में शांतिपूर्ण माहौल रहा।
मद्देनजर कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज (कैट) ने कहा कि उसने भारत बंद का समर्थन नहीं करने का निर्णय लिया था। इस कारण दिल्ली में सभी बाजार पूरे तौर पर खुले रहे और बाजारों में रोजमर्रा की तरह कामकाज हुआ। दरअसल वर्तमान में जुलाई तक शादियों का सीजन है जिससे व्यापार में गति भी हो रही है और व्यापार पटरी पर लौट रहा है। ऐसे में किसी भी तरह का बंद व्यापारियों के लिए लाभदायक नहीं है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की कोविड के बाद अब धीरे-धीरे बाजारों में कारोबार शुरू हुआ है, ऐसे में व्यापारियों की प्राथमिकता केवल व्यापार करने में है। वर्तमान समय में किसी भी प्रकार का आंदोलन व भारत बंद व्यापारियों के हित में कतई नहीं है।