जेएनयू के एलुमनी एसोसिएशन (एएजे) ने 27 फरवरी को अंतर छात्रावास बैठक बुलाई थी। यह साबरमती लॉन में आयोजित की गई थी। आइसा ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गीत बजाए गए।
जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। वाम समर्थित अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जेएनयू में अंतर-छात्रावास बैठक के दौरान भड़काऊ भाषण और 'भगवा लहराएंगे' जैसे सांप्रदायिक नारे वाले गाने बजाए गए।
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जेएनयू के एलुमनी एसोसिएशन (एएजे) ने 27 फरवरी को अंतर छात्रावास बैठक बुलाई थी। यह साबरमती लॉन में आयोजित की गई थी। आइसा ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गीत बजाए गए। खुलेआम 'भगवा लहराएंगे' जैसे गीत बजाए गए।
वहीं, आइसा के दावे पर एलुमनी एसोसिएशन और जेएनयू प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। आइसा ने आरोप लगाया कि इससे मौजूदा प्रशासन के दोहरे मापदंड उजागर हुए हैं। साथ ही दावा किया कि छात्र संगठनों को जनसभा करने की अनुमति नहीं थी और अक्सर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए जाते थे। लेकिन एबीवीपी और संघ से जुड़े अन्य निकायों को इस तरह के कार्यक्रमों के तहत अपने सांप्रदायिक एजेंडे को फैलाने के लिए खुली छूट मिली।