दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इलाज कर रहे एक सीनियर डॉक्टर ने कहा है कि उनकी बीमारियां गलत और तनावपूर्ण जीवनशैली का सटीक उदाहरण हैं। बंगलूरू में जिंदल नेचर क्योर इंस्टीट्यूट की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) बबीना नंदकुमार ने कहा कि केजरीवाल जब पहले दिन यहां आए थे तो उन्हें काफी कफ था और लगभग खतरनाक स्तर पर बना हुआ था।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल का इलाज जल चिकित्सा, मालिश और मिट्टी थेरेपी से की गई और योग और आहार प्रबंधन का भी सहारा लिया गया। लेकिन उनके कफ की समस्या को खत्म करने के लिए कुछ अलग तरीके से इलाज किया गया।
नंद कुमार ने कहा कि केजरीवाल के शरीर में काफी विषैले तत्व जमा हो गए थे और इसलिए उन्हें इनसे मुक्त कराना जरूरी था। उन पर प्राकृतिक चिकित्सा, योग थेरेपी, आहार प्रबंधन का असर तुरंत दिखा।
उनके शरीर के विषैले तत्वों को काफी हद तक निकाल दिया गया है और अब उनकी पूरी शारीरिक प्रणाली में एक रवानगी आ गई है। उनका शुगर लेवल भी काफी घट गया है। अनियमित खान-पान, बोतलबंद शीतल पेय के सेवन और प्रदूषण की वजह से उनके शरीर में विषैले तत्व जमा हो गए थे।