कोहरे से यात्रियों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही। कोहरे की मार के कारण ट्रेन ही नहीं विमानों के यात्री भी हलकान है।
रविवार देर रात से सोमवार देर रात तक पांच सौ से अधिक विमानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा। इसके कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री बेहद ही परेशान दिखें।
ट्रेनों की अगर बात करे तो कोहरे के कारण टाईम-टेबल बिगड़ा हुआ है। सोमवार को 50 से अधिक ट्रेन कोहरे के गिरफ्त में रही। दो दर्जन ट्रेन दिल्ली घंटों लेट पहुंचने के कारण परिवर्तित समय से चली तो दो ट्रेन निरस्त रही।
50 ट्रेन 2-25 घंटे लेट चल रही है। शनिवार की रात से ही दिल्ली एयरपोर्ट का रनवे पूरी तरह से कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। दोनों रनवे की हालत यह है कि बगैर लो विजिबिलिटी प्रोसीजर (एलवीपी) विमान का संचालन संभव नहीं हो पा रहा।
रनवे संख्या 11/29 पर 50 मीटर से भी कम दृश्यता की स्थिति में रविवार रात 9 बजे से सोमवार की सुबह 4 बजे तक परिचालन ठप रहा। रनवे संख्या 10/28 पर रात क 10:30 से सुबह 4 बजे तक कैट थ्री श्रेणी के ट्रेंड पॉयलट को ही विमान संचालित करने की अनुमति दी गई।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार कोहरे की चपेट में करीब 833 विमान आए। जिन्हें लो विजिबिलिटी प्रोसीजर के दौरान संचालित किया गया। दिल्ली आने वाले 52 विमानों को एयरपोर्ट ट्रैफिक कंट्रोलर से रनवे पर उतरने के लिए ग्रीन सिग्नल नहीं मिला।
लिहाजा विमानों को जयपुर, मुंबई, कोलकाता, नागपुर एयरपोर्ट के लिए डाइवर्ट कर दिया गया। टाइम टेबल बिगड़ने और एयरलाइंस के बेड़े में ट्रेंड पायलटों की कमी के कारण 137 विमान निरस्त कर दिया गया। इनमें दिल्ली से जाने वाला 74 और आने वाला 63 विमान शामिल है।
घने कोहरे के कारण 463 विमान 15 मिनट से 3 घंटे की देरी से संचालित हुए। इनमें दिल्ली पहुंचने वाला 232 और दिल्ली से उड़ान भरने वाला 231 विमान शामिल है। इसके कारण एयरपोर्ट पर यात्री जबरदस्त रूप से परेशान होते दिखें।
उधर, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और ट्रैक पर घने कोहरे के कारण ट्रेन की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है। महानंदा एक्सप्रेस जहां 25 घंटा लेट चली तो वहीं जनसाधारण 18 घंटा, मगध 10 घंटा और नार्थ इस्ट 6 घंटा लेट चली। इसके कारण दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर यात्री जबरदस्त रूप से परेशान हुए।