विधानसभा चुनाव में हार का कांग्रेस एवं भाजपा के पार्षदों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। वह निगम से जुड़े मसलों पर सरकार को घेरने के बजाय सदन और सड़क पर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने में ही रुचि ले रहे हैं।
ऐसा ही मामला सोमवार को दक्षिणी निगम के सदन की बैठक में देखने को मिला। बैठक में सफाई के मुद्दे पर चर्चा के बीच कांग्रेस पार्षद नरेंद्र कौर कैप्टन कालकाजी क्षेत्र में कांग्रेसी पार्षद के नाम पट्ट बोर्ड पर भाजपा के झंडे वाला पेंट किए जाने का मुद्दा उठाने लगा मगर मेयर सरिता चौधरी ने उनकी बातें नहीं सुनी।
इस पर कांग्रेसी पार्षद भड़क गए और वे वेल में आकर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लग गए। शोरशराबा होने पर सदन के नेता सुभाष आर्य का एजेंडा पास करने के बाद मेयर ने बैठक स्थागित कर दी।
बैठक के बाद विपक्षी नेता फरहाद सूरी ने फोटो दिखाते हुए बताया कि इस कार्रवाई को कालकाजी क्षेत्र से चुने गए भाजपा विधायक ने अंजाम दिया है। इसके खिलाफ निगम के अधिकारियों ने कालकाजी और गोविंदपुरी पुलिस थाने में शिकायत की है।
उन्होंने कहा कि सरकार बनाने से वंचित रहने पर भाजपा नेता बौखला गए हैं, उनकी ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर सदन के नेता सुभाष आर्य ने कहा कि उनको इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बैठक की कार्रवाई में खलल डालने पर कांग्रेस की निंदा की।
शुक्र है, हंगामे से पहले ही हो गया था चुनाव
हंगामा होने से पहले स्थाई समिति के एक सदस्य का चुनाव हुआ। भाजपा के सतीश उपाध्याय ने कांग्र्रेस के सतीश गुप्ता को 25 मतों से पराजित किया। सतीश उपाध्याय को 57 मत प्राप्त हुए, वहीं सतीश गुप्ता 32 वोट ही हासिल कर पाए।
यह रिक्तता समिति अध्यक्ष राजेश गहलोट के विधायक चुने जाने के चलते हुई। वहीं उपराज्यपाल के मनोनीत किए गए पार्षद अतुल सिंह भट्टेवाला को मेयर सरिता चौधरी ने शपथ दिलाई।