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महामेधा बैंक के संचालकों की संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक, स्टांप विभाग को लिखी चिट्ठी

Mon, 21 Sep 2020 05:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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कार्रवाई तेज... - फोटो : अमर उजाला
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महामेधा कोऑपरेटिव बैंक संचालकों के खिलाफ सहकारिता विभाग ने कार्रवाई भी तेज कर दी है। 100.47 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसे 24 संचालकों व अधिकारियों से जुड़ी निजी संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। ज्वाइंट कमिश्नर सहकारिता विभाग (मेरठ) की ओर से आदेश जारी किया गया है, जिसकी प्रति स्टांप विभाग के सभी सब रजिस्ट्रार व आयुक्त व सहायक आयुक्तों को भेजी गई है। 

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जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्राहकों की मोटी रकम घोटाले के जरिए 128 लोगों का लोन के तौर पर बांटी गई। अब ऑडिट में घोटाला पकड़े जाने के बाद इनकी निजी संपत्तियों को अटैच कर कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही है। शुरूआती तौर पर नौ लोगों की संपत्ति का ब्यौरा भी मुहैया कराया गया, जिसकी संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है। क्योंकि विभाग अन्य संपत्तियों को भी तलाश कर रहा है। 

 यूपी कोऑपरेटिव एक्ट 1965 की धारा 68 (2) के तहत ज्वाइंट कमिश्नर ने आदेश पारित किया है। इसके बाद अब विभागीय स्तर पर भी मामले की सुनवाई की जाएगी। बैंक संचालकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। उसके बाद साक्ष्यों के आधार पर फैसला लिया जाएगा कि घोटाले में असल दोषी कौन हैं। उसके बाद संबंधित लोगों को कोऑपरेटिव एक्ट के तहत डिबार किए जाने की कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। 
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उधर, थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर अलग से कार्रवाई की जाएगी। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर बैंक की तीन जिलों में संचालित छह शाखाओं में कार्यरत 170 अधिकारियों व कर्मचारियों में से सिर्फ छह लोगों को छोड़कर बाकी सभी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सभी की बैंक में जमा धनराशि भी जब्त कर ली गई है। साथ ही 55 लाख की ग्रेच्युटी भी अटैच कर ली गई है। उधर, एफआईआर दर्ज होने के बाद जल्द ही बैंक संचालकों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। ऑडिट के आधार पर स्पष्ट हो चुका है कि बैंक संचालकों ने आरबीआई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर घोटाला किया।  

अब तक नौ करोड़ रुपये का भुगतान 
सहकारिता विभाग की निगरानी में एक लाख रुपये तक जमा करने वाले बैंक ग्राहकों को धनराशि वापस की जा रही है। अब तक करीब साढ़े 1600 लोगों को नौ करोड़ रुपये की धनराशि वापस की जा चुकी है। बैंक में कार्यरत छह लोगों से धनराशि वापस कराने का काम किया जा रहा है। खाताधारक अपनी एक लाख तक की धनराशि पाने के लिए क्लेम कर सकते हैं। ग्राहक पंजीकृत डाक के माध्यम से परिसमापक महामेधा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महामेधा भवन 36 नई बस्ती गाजियाबाद को दावा पत्र (क्लेम) भेजें। इस संबंध में अधिक जानकारी 0120-4334379 पर कॉल करके भी प्राप्त कर सकते हैं।

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