गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल के शौचालय में मिली बच्ची की देर रात अस्पताल में मौत हो गई। आठ-दस घंटे मौत से जूझने के बाद सोमवार रात को ही करीब साढे़ ग्यारह बजे बच्ची की मौत हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची प्री-मैच्योर थी। उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन बचा नहीं सके।
बच्ची जब से मिली थी तभी से उसे आक्सीजन और स्लाइन आदि की डोज दी गई। गौरतलब है कि सोमवार को जिला एमएमजी अस्पताल के शौचालय में एक प्री-मैच्योर बेबी मिली थी। शौचालय से निकलकर जा रही एक अज्ञात महिला पर बेबी को छोड़कर जाने का अंदेशा है।
अस्पताल में ही अपने मरीज की तीमारदारी में आई एक महिला ने इस संदिग्ध महिला को देखा तो शोर भी मचाया, मगर शोर सुनते ही महिला तेजी से भाग निकली। सीएमएस जेपीएन सिंह ने बताया कि बच्ची प्री-मैच्योर थी और अंडरवेट भी थी। कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
गौरतलब है कि सोमवार को गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल के शौचालय में एक प्री-मैच्योर बेबी मिलने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। तब शौचालय से निकलकर जा रही एक अज्ञात महिला पर बेबी को छोड़कर जाने का अंदेशा था।
अस्पताल में ही अपने मरीज की तीमारदारी में आई एक महिला ने इस संदिग्ध महिला को देखा भी था और शोर भी मचाया था, मगर शोर सुनते ही महिला तेजी से भाग निकली थी। बेबी को अस्पताल की नर्सरी में रखा गया था।