सियासी टिप्पणी भी की
उन्होंने कथा के दौरान के राजनीतिक टिप्पणी करने से भी गुरेज नहीं किया। पहले उन्होंने देवी-देवताओं की जय बुलवाने के दौरान कथा का विरोध करने वालों की भी जय बोलने का आग्रह किया, वहीं उन्होंने कथा के बीच दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार का नाम लिए बिना उनकी योजनाओं की अप्रत्यक्ष तौर पर निंदा की। उन्होंने कहा कि कई बार फ्री से मिलने वाली चीजें बहुत घातक होती है। इन के बहुत दूरगामी परिणाम अच्छे नहीं होते है।
कथा सुनने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिखा
बागेश्वर धाम महाराज की कथा सुनने के लिए दिल्ली के लोग काफी उत्साहित दिखाई दिए। वह बाबा का जयघोष करते हुए कथा स्थल तक पहुंचे। इसके अलावा वे दो बजे से कथा स्थल पर पहुंचने शुरू हो गए थे और तीन बजे तक पंडाल भर गया था, जबकि कथा चार बजे शुरू होनी थी और बाबा एक घंटा देर से पांच बजे पंडाल में पहुंचे।
हनुमान के वेश में आए लोगबागेश्वर धाम के महाराज ने कथा आरंभ करने से पहले मंच पर आते ही हनुमान की पूजा अर्चना की, वहीं कथा सुनने के लिए कई लोग हनुमान के वेश में आए। ऐसे लोगों से बाबा का ध्यान आकर्षित करने के लिए मंच की ओर आने का प्रयास किया, मगर पुलिस ने उनको रोक दिया। इसके अलावा कथा आरंभ होने से पहले बाबा के भजनों पर बड़ी संख्या में लोग स्वयं को झूमने से नहीं रोक सके। वे काफी देर तक झूमते रहे।
बाबा ने कभी हाथ जोड़कर कभी हाथ हिलाकर अभिवादन किया
बाबा ने मंच पर आते ही लोगों का उत्साह देखने लायक था। इस दौरान लोग अपने स्थान पर खड़े होकर उनका जयकारा लगाने लग गए, वहीं बाबा ने लोगों को निराश करने के बजाए उनका उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया। इस कड़ी में बाबा ने कभी हाथ जोड़कर, तो कभी एक हाथ तो कभी दोनों हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।
चप्पे-चप्पे पर थे दिल्ली पुलिस के जवान
दिल्ली पुलिस ने बाबा की कथा के मद्देनजर आयोजन स्थल के अंदर व बाहर चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात कर रखे थे। वह कड़ी जांच पड़ताल के बाद लोगों को अंदर जाने दे रहे थे। गेट नंबर एक पर वीआईपी पास धारकों व मीडिया वालों को प्रवेश करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अनेक पास धारक कथा खत्म होने के समय तक भी अंदर नहीं जा सके। वहीं दिल्ली पुलिस ने कथा स्थल के सामने वाला रोड दोनों ओर बंद कर रखा था।