सेक्टर-59 में मंगलवार शाम छह बजे आठ सीटों वाले कई ऑटो-टैंपो मामूरा से लेबर चौक के मुख्य मार्ग को छोड़कर सेक्टर में अंदर की ओर दाखिल हुए। यह ऑटो अलग-अलग कंपनियों के शिफ्ट खत्म होने पर सवारियों के लालच में अंदर आये थे। इनके सेक्टर में अंदर आने से छोटी सी सड़क पर जाम का आलम हो गया।
वजह, सवारियां उठाकर जहां-तहां से इनका निकलना रहा। यह रोजाना का नजारा है। खास बात यह कि यह एकमात्र उदाहरण नहीं है। शहर में कई स्थानों पर ऐसे ऑटोवाले अपना रूट खुद ही तय करते हुए सेक्टरों में आते हैं और दूसरे वाहनों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं।
कुछ ही रूटों पर नियमित चलते हैं ऑटो-टैंपो
शहर के औद्योगिक और आवासीय सेक्टरों को जोड़ने के लिए करीब नौ वर्ष पहले छह रूटों का निर्धारण किया गया था, लेकिन ऑटो चालकों की मनमानी ऐसी कि इन रूटों पर चलने के बजाए वे अपना रूट खुद ही तय कर निकलते हैं। यही नहीं निर्धारित छह रूटों में से तीन-चार रूटों पर ही नियमित ऑटो चलने की जानकारी है। इन रूटों से निकलने के दौरान कई बार यह दूसरे रूटों पर चल पड़ते हैं।
नोएडा के परमिट का भी होता उल्लंघन
ग्रेटर नोएडा, दादरी, कासना, जेवर, दिल्ली और गाजियाबाद के बिना परमिट ऑटो शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। कई बार ऐसे रूट पर दौड़ रहे ऑटो चालकों पर परिवहन विभाग गाज गिराता है। बावजूद अवैध तरीके से इनके चलने का सिलसिला जारी रहता है। इनके कई अलग-अलग प्वाइंट होते हैं, जहां से यह नोएडा से बाहरी क्षेत्रों को जोड़ते हैं। ऐसे ऑटो-टैंपो रोजाना चलते हैं। लेकिन कभी कभार ही इन पर कार्रवाई होती है।
किराये में भी चलाते मनमर्जी
कई बार किराये को लेकर सवारियों से इनके झगड़े होते रहते हैं। दरअसल, सवारियों का आरोप होता है कि यह मनमाना किराया वसूलने की कोशिश करते हैं। इनका रूट के मानक के मुताबिक किराया नहीं होता। सवारी के गाड़ी से उतरने के बाद यह मनमाना किराया वसूल लेते हैं। कई बार किराये को लेकर यह बदतमीजी पर भी उतर आते हैं।
जहां मर्जी वहां खड़े कर दिए ऑटो-टैंपो
ऑटोवालों की मनमानी देखिए। जहां भी इनकी मर्जी होती है। वहीं यह ऑटो खड़े करके सवारियां बैठाने लगते हैं। कई बार व्यस्त चौराहों पर यह जाम का सबब बनते हैं। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के दौरान यह वहां से हट जाते हैं। लेकिन कुछ देर बाद ही यह फिर से वहां जम जाते हैं। शहर में लगने वाले जाम की बड़ी वजह यह ऑटो-टैंपो भी हैं।
ऑटो के लिए निर्धारित छह रूट
-मॉडल टाउन से गोल चक्कर वाया लेबर चौक, सेक्टर 12/22 व उद्योग मार्ग
-मॉडल टाउन से सेक्टर 37 वाया सेक्टर 71, होशियारपुर व सिटी सेंटर
-सेक्टर 37 से नोएडा फेस-दो वाया बरौला, सलारपुर व भंगेल
-सेक्टर 57 चौराहे से अट्टा पीर वाया ईएसआई, स्पाइस मॉल व डीएम चौक
-गोल चक्कर से सेक्टर 37 चौराहा वाया रजनीगंधा, अट्टा पीर व अट्टा चौक
-शॉप्रिक्स मॉल से अट्टा चौक वाया सेक्टर 23, 32, 33, जिला अस्पताल चौक
यहां रहता है यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित
मॉडल टाउन, मामूरा चौक, सेक्टर-59, जेएसएस तिराहा, लेबर चौक, सेक्टर-56, सेक्टर-12-22, मेट्रो हॉस्पिटल, हरौला, नया बांस तिराहा, गोलचक्कर, सिटी सेंटर, सेक्टर-37, सेक्टर-71, अट्टा सहित दर्जनों अन्य स्थानों पर ऑटो-टैंपो की वजह से यातायात में बाधा आती है।
दूसरे क्षेत्रों से आकर अवैध तरीके से नोएडा में चलने वाले ऑटो पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। इसमें गाजियाबाद सहित ग्रेटर नोएडा के ऑटो-टैंपों के यहां पाये जाने पर चालान किया जाता है।- श्रीराम यादव, एआरटीओ (प्रवर्तन)