ग्रेटर नोएडा में ऑटो गैंग ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। आए दिन छात्राओं और महिलाओं से छेड़छाड़ और लूटपाट की घटना होती रहती है। इससे शहर की छवि धूमिल हो रही है।
पिछले एक सप्ताह में ऑटो चालकों ने पांच लोगों से लूटपाट और छेड़छाड़ की है। उधर, पुलिस ने अभी तक कोई कदम ऑटो चालकों के खिलाफ नहीं उठाया है, जिससे वह अपनी मनमानी कर रहे हैं।
प्राधिकरण ने ऑटो चालकों को चलाने की अनुमति के साथ यह भी हिदायत दी थी कि कोई ऐसा काम न करें, जिससे शहर की छवि पर दाग लगे, लेकिन ऑटो गैंग ने एक के बाद एक कई लूटपाट और अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है।
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ग्रेनो एक्टिव सिटीजन टीम ने तत्कालीन इंस्पेक्टर से मिलकर ऑटो को नया नंबर दे दिया। कुछ दिन तक तो मामला ठीक चला, लेकिन ऑटो चालक फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आए।
पिछले हफ्ते एक एनआरआई और नेवी के अधिकारी समेत करीब पांच लोगों से ऑटो चालकों ने लूटपाट की थी, हालांकि पुलिस ने ऑटो चालकों को बुलाकर उनका सामान और रकम वापस दिला दी थी। पुलिस अपराध पर लगाम लगाने में नाकाम रही है।
क्या है अपराध का कारण
करीब छह माह पहले ऑटो को एक नया नंबर देकर हरेक ऑटो चालक की डिटेल पुलिस के साथ एक्टिव सिटीजन टीम ने एकत्र करके नेट पर डाल दी। कुछ लोगों ने अपने ऑटो बेच दिए हैं तो कुछ लोगों ने अपने चालकों को बदल दिया है, जिससे नए लोगों और ऑटो का सत्यापन नहीं हो पाया है।
वर्दी अभियान भी विफल
एसपी ग्रेटर नोएडा डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने ऑटो चालकों के लिए वर्दी बनवाने का फरमान सुनाया था, लेकिन चंद लोगों पर ही फरमान का असर हुआ था। जबकि 95 फीसदी चालक बिना वर्दी के ही ऑटो चला रहे हैं।
एक्टिव सिटीजन टीम ने लिखा एसएसपी को पत्र
ग्रेटर नोएडा एक्टिव सिटीजन टीम के महासचिव हरेंद्र भाटी ने एसएसपी को पत्र लिखकर लूटपाट और छेड़छाड़ की सभी घटनाओं से अवगत कराते हुए ऑटो चालकों का एक बार फिर से सत्यापन कराने की मांग की है।