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तीन लोगों को जिंदगी दे गया ऑटो चालक सुरेश: दुर्घटना में हो गए थे घायल, एम्स के ट्रामा सेंटर में तोड़ा दम

Thu, 31 Aug 2023 08:15 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

परिवार की सहमति के बाद सुरेश के हृदय, गुर्दे और कॉर्निया सहित पुनर्प्राप्त अंगों को राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के नियम के तहत आवंटित किया गया। नियम के तहत सुरेश का हृदय दिल्ली के एम्स अस्पताल को आवंटित किया गया था।
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सुरेश का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सड़क दुर्घटना मे घायल हुए ऑटो चालक सुरेश दम तोड़ने के बाद तीन लोगों को जिंदगी दे गए। दिल्ली के ओखला फेज 2 के रहने वाले 48 वर्षीय सुरेश 23 अगस्त की रात साढ़े आठ बजे सड़क पर बेहोश पाए गए थे। आनन-फानन में उन्हें एम्स के ट्रामा सेंटर में लाया गया। 

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आपातकालीन विभाग में लाने के बाद उनकी पत्नी और दो बेटियों को सूचना दी गई। छह-सात दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ते हुए सुरेश ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उनकी पत्नी और बेटी को उनके ब्रेन डेड होने की जानकारी दी। इस सूचना के बाद पूरा परिवार टूट गया। इस सूचना के बाद पूरा परिवार स्तब्ध और दुखी थे। सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात उनके जीजा और भाभी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में उनका हौसला बांधा और अंगदान करवाने की सलाह दी। 

परिवार की सहमति के बाद सुरेश के हृदय, गुर्दे और कॉर्निया सहित पुनर्प्राप्त अंगों को राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के नियम के तहत आवंटित किया गया। नियम के तहत सुरेश का हृदय दिल्ली के एम्स अस्पताल को आवंटित किया गया था।
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उनकी दोनों किडनी में से एक एम्स दिल्ली और एएचआरआर अस्पताल में आवंटित की गईं। उनके कॉर्निया को एम्स के नेशनल आई बैंक में रखा गया है। इस बारे में एम्स के ऑर्गन रिट्रीवल बैंकिंग ऑर्गनाइजेशन (ओआरबीओ) की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. आरती विज ने कहा कि दुख की घड़ी में भी परिवार से दूसरों के बारे में सोचते हुए उन्हें जिंदगी दी। सुरेश के परिवार का निर्णय मानवता के लिए अविश्वसनीय क्षमता का उदाहरण है।

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