एमसीडी के एक स्कूल में बच्चों के बीमार होने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने सोमवार को कोंडली स्थित सेंट्रलाइज्ड आंगनबाड़ी किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने खाना बनाने में इस्तेमाल हो रहे अनाज व अन्य सामग्रियों की जांच की। इसके अलावा उन्होंने स्वयं खाकर खाने की गुणवत्ता की भी जांच की।
इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों के साथ सर्वे करते हुए उनके सुझावों के अनुसार मेन्यू में समय-समय पर बदलाव किया जाए। उन्होंने किचन में बर्तनों की सफाई के लिए भी ऑटोमैटिक मशीन लगाने के निर्देश दिए। दरअसल यह सेंट्रलाइज्ड किचन अत्याधुनिक मशीनों से लैस है। यहां किचन को तीन हिस्सों में बांटा गया है। इसके पहले हिस्से में अनाज के भंडारण के लिए गोदाम है। दूसरे हिस्से में एक फुल ऑटोमैटिक मशीन है, जो अनाज को साफ करने से लेकर की पैकेजिंग का काम बिना किसी ह्यूमन टच के पूरा करती है। इसमें शिशुओं और गर्भवती महिलाओं व लैक्टिक माताओं के लिए टेक होम राशन अनकुक्ड पैक्ड पंजीरी और खिचड़ी प्रीमिक्स को तैयार किया जाता है।
किचन के तीसरे हिस्से में खाने को पकाने का काम किया जाता है। मगर बर्तनों की सफाई के लिए ऑटोमैटिक मशीन नहीं है। उन्होंने बताया कि केजरीवाल सरकार 11 सेंट्रलाइज्ड किचन के जरिए प्रतिदिन दिल्ली भर में आठ लाख बच्चों और महिलाओं तक पौष्टिक पका खाना और टेक होम राशन (टीएचआर) पहुंचाने का काम कर रही है। इन किचन के जरिए गर्भवती महिलाओं, लैकटिंग माताओं और आंगनबाड़ियों में आने वाले छह माह से तीन साल तक के बच्चों को बेहतर पोषण देने का कार्य किया जा रहा है।