अटाली में ईद के दिन भाईचारे का माहौल दिखाई दिया। अल्पसंख्यक व बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर गिले-शिकवे दूर किए।
पूर्व मंत्री आफताब अहमद और सरपंच प्रह्लाद सिंह ने दोनों पक्षों के लोगों को मिलवा कर दिलों में भरी कड़वाहट को दूर करने की गुजारिश की। सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे।
धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच हुए पिछले साल हुए विवाद के बाद गांव में तनाव का माहौल पैदा हो गया था। इस बार प्रशासन ने ईद के मौके पर गांव में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।
विवादित स्थल के पास बढ़ाई सुरक्षा
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विवादित धार्मिक स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बृहस्पतिवार को बढ़ा दी गई थी। धार्मिक स्थल से आधा किलोमीटर पहले ही पुलिस ने नाके लगा दिए।
ईद का त्यौहार धार्मिक स्थल पर संपन्न हुआ। इसके बाद पंच हाजी शाकिर के निवास पर भोज का कार्यक्रम रहा। बृहस्पतिवार सुबह ईद उल फितर की नमाज अदा की गई।
इमाम ने अमन की दुआ मांगी और सबसे भाईचारा कायम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुल्क में अमन कायम रखने की सबको कोशिश करनी चाहिए।
बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने भी की ईद में शिरकत
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सभी त्योहार भाईचारे का संदेश देते हैं। ईद का मकसद भी सद्भाव ही है। हम आपस में प्यार बांटे, जरूरतमंद के काम आएं। ईद के जश्न में बड़ी संख्या में बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने भी शिरकत की।
विशेष तौर पर गांव के सरपंच प्रह्लाद सिंह पंच दयाराम, पंच दिगंबर, लीलू, रामकिशन, हरीसिंह, रणजीत, बाबू राजेंद्र और पूर्व पंच अतर सिंह को साथ लेकर पहुंचे। इसके अलावा गांव के करीब 80 लोगों ने अल्पसंख्यक परिवारों में जाकर उन्हें ईद की बधाई दी।
विशेष समुदाय के लोगों को ईद की मुबारकबाद देकर कुछ उपहार आदि भी भेंट किए गए। दोनों ही समुदाय के इन लोगों ने गिले शिकवे भुलाकर प्यार से रहने की कामना की।