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लाल किले में फिर लौटेगी राजसिंहासन की रौनक!

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विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर लालकिला स्थित मुगल बादशाह शाहजहां के राज सिंहासन की मुगलिया रौनक जल्द लौटाई जाएगी।
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राज सिंहासन पर जमे धूल-मिट्टी और कबूतरों से हुई गंदगी भी अब साफ की जाएगी। अब इस पर चित्रकारी कर इसके लुक को और सुंदर किए जाने की योजना है।

राज सिंहासन के सौंदर्यीकरण को लेकर बनाई योजना को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से स्वीकृति मिल गई है। अब इसे लघु रूप में शीश महल की तर्ज पर तैयार किया जाएगा।

इसी सिंहासन पर बैठते थे बादशाह

शीशा से कवर हो जाने के बाद इसे न सिर्फ धूल-मिट्टी से निजात मिलेगी बल्कि कबूतर भी गंदगी नहीं फैला सकेंगे। गौर करने वाली बात है कि लाल किला में इसी राजसिंहासन पर बादशाह बैठकर आम जनता से मिलते और शिकायतों को सुनते थे।

यह राजसिंहासन संगमरमर का बना हुआ है। बावजूद उसी समय की लोहे की जाली भी यहां पर लगी हुई है, जिसपर कबूतर आज भी बैठते है। दीवाने आम में ही उपर के बीच के फलक में यूनानी देवता ऑरफियस को उनकी बांसुरी के साथ दिखाया गया है।

यह फलक पहले काफी क्षतिग्रस्त हो गए थे और इन्हें एक समय हटाकर लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट संग्रहालय में ले जाया गया था, लेकिन लॉर्ड कर्जन के आग्रह पर सन् 1903 में इन्हें एक बार फिर वापस लाकर उसी जगह रखा गया।

क्या कहते हैं अधिकारी

इसपर भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की पूरी नजर रहेगी। आसपास के सभी जगहों पर साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण दिल्ली सर्किल के पुरातत्व अधीक्षक वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि दीवाने आम स्थित राजसिंहासन के सौदर्यीकरण की योजना को स्वीकृति विभाग की ओर से मिल गई है।

कबूतर और धूल-मिट्टी से इसके सौदर्यीकरण पर असर पड़ रहा था। अब यह पूरी तरह से जस का तस दिखाई देगा। दीवाने आम यानी आम दर्शकों का हॉल है। जिस ऐतिहासिक इमारत को दर्शक देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं।
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ऐतिहासिक संग्रहालयों में आज फ्री प्रवेश

विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण दिल्ली सर्किल के सभी संग्रहालयों में रविवार को नि:शुल्क प्रवेश किया जा सकेगा। इस अवसर पर नेत्रहीनों के लिए लालकिला में ब्रेललिपि में पट्टिका का शुभारंभ किया जाएगा।

इससे नेत्रहीनों को म्यूजियम के ऐतिहासिक महत्व को जानने समझने में सहूलियत होगी। बाद में सभी संग्रहालयों में ब्रेललिपि में लिखी यह पट्टिका लगाई जाएगी।

पुराना किला स्थित संग्रहालय, लाल किला स्थित तीन संग्रहालय और सलीमगढ़ किला स्थित संग्रहालय में रविवार को नि:शुल्क प्रवेश किया जा सकेगा। इस अवसर पर लाल किला में जागरूकता कार्यक्रम, पेंटिग्स प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाएगा।
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