कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
दोपहर के समय सिविल लाइंस थाने के बाहर खूब हल्ला-गुल्ला हुआ। बिभव के वकीलों ने पुलिस पर उनसे न मिलने देने के आरोप लगाए। बाद में बिभव की ओर से तीस हजारी कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
पुलिस रविवार को उनको अदालत या मजिस्ट्रेट के घर पर पेश कर पुलिस रिमांड मांग सकती है। इससे पूर्व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में एक टीम मुख्यमंत्री आवास पर जांच के लिए पहुंची। सूत्रों का कहना है कि पुलिस सीएम आवास के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेने के लिए पहुंची थी। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई।
घटनाक्रम के बीच शनिवार सुबह सीएम आवास पर स्वाति मालीवाल का एक और वीडियो सामने आया। इसमें सीएम आवास पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी स्वाति का हाथ पकड़कर उनको घर से लेकर आते हुए दिख रहे हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से वीडियो सामने आने के बाद कहा गया कि वीडियो में स्वाति ठीक-ठाक दिख रही हैं।
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर स्वाति मालीवाल की मेडिको लीगल रिपोर्ट (मेडिकल रिपोर्ट-एमएलसी) भी वायरल हो गई। एमएलसी के मुताबित उनके चेहरे, पैर व शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए हैं। वहीं स्वाति मालीवाल के आरोपों को लेकर लगातार आप नेता हमलावर हैं। वह स्वाति को साजिश का मोहरा बता रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोपहर करीब 12.15 बजे दिल्ली पुलिस की एक टीम मुख्यमंत्री के घर पर पहुंची। टीम को सूचना मिली थी कि बिभव मुख्यमंत्री आवास पर ही मौजूद हैं। उनको वहां से पूछताछ में शामिल होने की बात कर हिरासत में लेकर सिविल लाइंस थाने लाया गया। जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी वहां पहुंच गए।
मीडिया का भी भारी जमावड़ा वहां पर रहा। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने बिभव को सवा चार बजे गिरफ्तार कर लिया। इससे पूर्व बिभव कुमार ने पुलिस को एक ई-मेल भेजकर जांच में पूरा सहयोग करने की बात की थी। इसी ई-मेल की आईपी एड्रेस की पड़ताल करते हुए पुलिस सीएम आवास तक पहुंची।
बिभव की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनको देर रात तीस हजारी कोर्ट पेश किया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच के लिए उनकी रिमांड मांगेगी। देखना है कि न्यायलय कितने दिन की रिमांड मंजूर करती है। अब यह पुलिस के ऊपर निर्भर करेगा कि 24 घंटे के भीतर पुलिस केस से जुड़े कितने साक्ष्यों को जुटा पाती है।